सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बाढ़ से निपटने के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। बाढ़ चौकियां स्थापित करने के साथ बचाव व राहत के इंतजाम भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ को विनाशकारी नहीं लाभकारी बनाया जाएगा। बड़ी नदियों में आए बाढ़ के पानी को उन नदियों या नहरों में छोड़ा जाएगा जो अक्सर सूखी रहती हैं।
शुक्रवार दोपहर यहां पहुंचे सिंचाई मंत्री ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस मेें अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की। बाद में पत्रकारों को उन्होंने बताया कि कहीं कोई जन या धन की हानि न हो इसके लिए डीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। धन का दुरुपयोग रोकने के लिए इस बार खरीफ से पहले नहरों की सफाई नहीं कराई गई है। अक्तूबर में नहरों की सफाई कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीलीभीत सहित सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में इस बार व्यापक तैयारियां की गई हैं। खाद्यान्न, दवाओं, पशुओं का चारा, नाव, गोताखोर आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बरसात में सांपों के डसने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसके लिए सभी अस्पतालों में सांप काटने के इलाज की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि तटबंध एवं संवेदनशील स्थानों पर होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। साथ ही बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि किसी भी खतरे की समय रहते जानकारी मिल सके। समीक्षा बैठक में जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, उपाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्र एडवोकेट, एडीएम देवेंद्र प्रताप मिश्रा, एसपी बालेंद्रू भूषण सिंह कई लोग थे।
---------------
हरकी पैड़ी की तर्ज पर बनेगी राम की पैड़ी
सिंचाई मंत्री ने कहा कि हरिद्वार में हरकी पैड़ी की तर्ज पर अयोध्या में सरयू तट पर जल्द ही राम की पैड़ी बनाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में पांच बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से नदियों को जोड़ने का काम किया जाएगा जिससे अधिक पानी वाली नदियों से सूख रही नदियों को पानी दिया जा सके।