बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार से सेमेस्टर एवं प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं शुरू होंगी। विश्वविद्यालय से संबद्ध 267 कॉलेजों की परीक्षाओं के लिए 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कुछ केंद्र सेटिंग करके भी बने हैं। विश्वविद्यालय के लिए इन केंद्रों पर नकल रोकना चुनौती होगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित सेमेस्टर एवं प्रोफेशनल कोर्स बीएससी एग्रीकल्चर, एम लिब, एमडी/एमएस, एमएससी एग्रीकल्चर/एग्रोनॉमी/हार्टीकल्चर, बीएससी पैरामेडिकल और बीपीटी आदि कोर्स की परीक्षाएं शुक्रवार दस मई से शुरू हो रही हैं। यह परीक्षाएं 30 मई तक सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक सिर्फ एक ही पाली में चलेंगी। बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, संभल और अमरोहा जिले में 267 कॉलेजों के लिए 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर करीब 60 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।
सेटिंग वाले केंद्र बने चुनौती
विश्वविद्यालय ने अंतिम समय तक परीक्षा केंद्रों में फेरबदल किया है। इनमें से कुछ परीक्षा केंद्र सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं के कॉलेज हैं। ऐसे में इन कॉलेजों में नकल रोकना विश्वविद्यालय के लिए कड़ी चुनौती होगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि बरेली और मुरादाबाद मंडल के लिए अलग-अलग उड़नदस्ते बनाए गए हैं।
बरेली कॉलेज पर विशेष निगरानी, 12 केंद्रों का है सेंटर
बरेली। पिछले साल बरेली कॉलेज का परीक्षा केंद्र महाराजा अग्रसेन डिग्री कॉलेज में बनाया गया था। वहां बरेली कॉलेज के छात्रों ने नकल की और विरोध पर जमकर हंगामा किया। कुछ शिक्षकों को कमरे में बंधक बना लिया तो पुलिस को भी बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस और उड़नदस्ते की निगरानी में यहां परीक्षा कराई गई। इस बार कई कॉलेजों ने बरेली कॉलेज के छात्रों की अपने यहां परीक्षा कराने से इंकार कर दिया। इस पर काफी विचार विमर्श के बाद बरेली कॉलेज का परीक्षा केंद्र स्थायी कर दिया गया है। मगर, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि कोई भी गड़बड़ी रोकने के लिए यहां कड़ी निगरानी होगी। लेकिन बरेली कॉलेज प्रबंधन परेशान है क्योंकि छुट्टी के दौरान परीक्षकों की दिक्कत सामने आ रही है। डीएसडब्ल्यू डॉ. राजीव मेहरोत्रा ने बताया कि एलएलबी की परीक्षा में एक सीट पर दो ही बच्चे बैठाए जाएंगे। परीक्षकों की कमी को देखते हुए दूसरे कॉलेज से भी परीक्षक मांगे गए हैं।