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शराफत हत्याकांड में चार को उम्र कैद

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बरेली।
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थाना देवरनिया के ग्राम कमालपुर के शराफत हुसैन हत्याकांड मेें अपर सत्र न्यायाधीश रमेश दुबे ने चार व्यक्तियों को उम्र कैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी।
एडीजीसी फौजदारी विजय कुमार यादव व वादिनी के अधिवक्ता नफीस अंसारी के अनुसार, नायाब बानो ने थाना देवरनिया में छह सितंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह चार बजे वह अपने बच्चों के साथ सो रही थी। उसके पति शराफत हुसैन दूसरे कमरे में थे। बुंदन नाम का आदमी उनके घर आया और नमाज के बहाने शराफत हुसैन को बुला ले गया। अंधेरा होने के कारण शक हुआ तो वह अपनी पुत्री अफरोज व बिलकिस के साथ पति के जाने के रास्ते मंदिर की तरफ गई। मंदिर के पश्चिम में शारदा नहर के तिराहे पर शराफत के चारों ओर गांव के ही जौली उर्फ रईस अहमद, शाहिद, जाकिर व छत्रपाल मौर्य और ग्राम दुगना निवासी बुंदन को खड़े देखा। जौली के हाथ में तमंचा था। बाकी के हाथ में लाठियां थीं।
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ये लोग वादिनी को देख कर हड़बड़ाये और तभी जौली ने तमंचे से शराफत हुसैन के बांये कान के पास गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। विवेचनाधिकारी ने छत्रपाल मौर्य के अलावा चारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। साक्ष्य के दौरान छत्रपाल मौर्य के विरुद्ध साक्ष्य आने पर उसे तलब किया गया, लेकिन हाजिर न होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। जौली शुरू से ही जेल में है। उस पर तमंचा की बरामदगी साबित होने पर उसे दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनायी गई।
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