पुलिस और प्रशासन के लगातार इनकार के बावजूद अमर उजाला की रिपोर्ट आखिरकार सच निकली। दिल्ली में तब्लीगी जलसे से 50 से ज्यादा लोगों के बरेली लौटने की लगभग पुष्टि हो गई है। इनमें 15 लोग शहर और बाकी आसपास के देहात के बताए गए हैं। ज्यादातर लोग अब तक भूमिगत हैं लिहाजा पुराना शहर के इलाकों में दहशत बढ़ती जा रही है।
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के मरकज पर 18 मार्च से जलसा शुरू हुआ था। इसमें 50 से ज्यादा लोग बरेली और आसपास के इलाकों से शिरकत करने गए थे। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लॉक डाउन शुरू हुआ तो ये लोग दिल्ली में ही फंस गए। कुछ दिन बाद ये सभी लोग दिल्ली से पैदल ही 29 मार्च को बरेली पहुंचे और यहां आकर भूमिगत हो गए।
चार दिन बाद अब पता लगा है कि इनमें 15 लोग शहर के बांस मंडी, सराय खाम के अलावा आजमनगर, अहमद अली तलाब, श्यामगंज और होली चौराहा इलाके के हैं जबकि 35 से 40 बाकी लोग शहर से सटे रहपुरा, करगैना और फरीदपुर के बताए जा रहे हैं।
बता दें कि अमर उजाला ने एक अप्रैल के अंक में ही खुलासा किया था कि तब्लीगी जलसे में शिरकत करके तमाम लोग बरेली में भी लौटे हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन ने शासन की ओर से जारी यूपी के 157 लोगों की लिस्ट में बरेली का कोई नाम न होने का हवाला देते हुए ऐसा मानने से इनकार कर दिया था। इस बीच पुराना शहर के कई इलाकों में दहशत के बीच खुद ब खुद यह खबर फैलती रही।
कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका से डरे लोग खुद भी इन लोगों का पता लगाने में जुटे रहे। आखिरकार बृहस्पतिवार को यह साफ हो गया कि बरेली में भी तब्लीगी जलसे में शामिल होकर तमाम लोग लौटे हैं।