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महिला अस्पताल के बाबू के ड्राइवर के खाते में जमा हुए थे 50 लाख

सार

300 बेड अस्पताल में फर्जी भर्ती प्रकरण
 
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300 बेड हॉस्पिटल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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नियुक्ति पत्रों के बाद पीड़ितों को दिए गए मेडिकल सर्टिफिकेट भी निकले फर्जी
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अधिकृत जानकारी को जिला अस्पताल से लिखापढ़ी करने की तैयारी में पुलिस

बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में फर्जी भर्ती के आरोपियों की तो अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है लेकिन भर्ती के नाम पर बेरोजगारों से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रकम की ठगी की काफी हद तक पुष्टि हो गई है। पुलिस ने जिला महिला अस्पताल के बाबू का ड्राइवर बताए जा रहे विकास यादव के खाते में 50 लाख रुपये की रकम जमा होने का पता लगाया है। इसके साथ यह भी साफ हो गया है कि आरोपियों ने बेरोजगारों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उन्हें फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए थे।
हाल ही में पीलीभीत शहर के मोहल्ला तुलाराम में रहने वाले सोमेश कश्यप समेत कई लोगों ने कोतवाली में जिला महिला अस्पताल में तैनात बड़े बाबू कुलदीप शर्मा, सीएमओ ऑफिस के बाबू ताहिर, खुर्रम गौंटिया के बॉबी और विकास यादव के खिलाफ नौकरी दिलाने का झांसा देकर 50 से ज्यादा लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 2018 में इन चारों ने निर्माणाधीन तीन सौ बेड अस्पताल में कई पद रिक्त होना प्रचारित कर 50 युवकों से पांच-पांच लाख रुपये में नौकरी दिलाने का सौदा किया था और तीन-तीन लाख रुपये बतौर एडवांस लेकर हड़प लिए थे। आरोपियों ने पीड़ितों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के साथ उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए थे। ठगी के शिकार हुए लोग ज्वाइनिंग के लिए तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे तब मामले का खुलासा हुआ।
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.. तो फर्जी बुकलेट छपवाकर बनाए मेडिकल
पीड़ित बेरोजगारों को आरोपियों ने जो नियुक्ति पत्र दिए थे, उन्होंने उन्हें पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने जांच कराई तो स्वास्थ्य विभाग ने सभी नियुक्ति पत्रों को फर्जी करार दे दिया। अब 30 लोगों के मेडिकल सर्टिफिकेट भी जिला अस्पताल प्रशासन ने फर्जी बताए हैं। बता दें कि पीड़ितों ने सारे मेडिकल जिला अस्पताल में ही बुलाकर कराए जाने की बात कही है। इसके बाद कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर मेडिकल सर्टिफिकेट के बारे में लिखापढ़ी करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने फर्जी बुकलेट छपवाकर फर्जी मेडिकल बना डाले।

विकास के एक और बैंक खाते का पता लगा

पीड़ितों ने सारा लेनदेन विकास के जरिए होना बताया है इसलिए पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक विकास का एक तीसरा बैंक खाता भी पता चला है जिसमें करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन होने के सबूत मिले हैं। उन्होंने बताया कि विकास की गिरफ्तारी के बाद ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट होगी।
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