प्रदेश सरकार ने मीरगंज तहसील के पहाड़पुर गांव में पुल बनाने के लिए 5.6 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। इसके लिए नाबार्ड से अगले महीने धनराशि रिलीज होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। इस पुल का निर्माण कराने के लिए छह महीने पहले डीएम की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था जो कि बजट के अभाव में मंजूर नहीं हो सका था। जिसके कारण पहाड़पुर तथा आसपास के आधा दर्जनों गांवों की लड़कियों ने शोहदों के चक्कर में स्कूल में पढ़ना बंद दिया था। क्योंकि पुल न होने के कारण नाव में बैठकर दूसरे गांव के प्राइमरी और जूनियर की पढ़ने के लिए जाना पड़ता था।
करीब छह महीने पहले लड़कियां पढ़ाई के लिए स्कूल जा रहीं थीं। आरोप है कि उनसे दूसरे समुदाय के युवकों ने छेड़छाड़ की। जिसकी प्रतिक्रिया में ग्रामीणों ने आधा दर्जन युवकों की जमकर पिटाई कर दी थी। इस प्रकरण ने तूल पकड़ा और दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। लड़कियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। उन दिनों क्षेत्र की लड़कियों की समस्या राजनीति मुद्दा बन गई थी। पहाड़पुर तथा आसपास के गांवों में भाजपा, कांग्रेस, सपा तथा अन्य दलों के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने राजनीति की। प्रतिबंध के चलते महा पंचायत प्रस्तावित की गई। इस मामले में साध्वी प्राची सहित कई के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
इंक्लेव की बाउंड्रीवाल का प्रस्ताव शासन को भेजा
बरेली। डीएम ने सिविल इंक्लेव की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। राजकीय निर्माण निगम ने करीब 2.66 करोड़ रुपये बाउंड्रीवाल में खर्च होना प्रस्तावित किया है। संकेत मिले हैं कि इसके निर्माण के लिए शासन स्तर से धनराशि मंजूर हो जाएंगी। उसी के साथ बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर जून के महीने से एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया भी रनवे, प्रशासनिक भवन आदि का निर्माण शुरू करा देगी। शहर में सिविल इंक्लेव की स्थापना मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसीलिए इसके निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इसके लिए भूमि फ्री होल्ड कराने के लिए 19 किसानों को बारी -बारी से बुलाया। ये वही किसान हैं जो कि सिविल इंक्लेव का निर्माण कराने के लिए भूमि फ्री होल्ड नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल तक सभी किसानों की भूमि फ्री होल्ड हो जाएगी।