जिले की 48 महिला प्रधानों ने अपने गांवों में सभी को ‘इज्जतघर’ देकर मिसाल कायम की है। महिला प्रधानों ने अपने गांवों को ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) कर दिया है। इन प्रधानों को 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लखनऊ में स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
बरेली जिले में 395 महिला ग्राम प्रधान हैं। इनमें से 48 को अपने गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए चयनित किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) में इस साल 2 अक्तूबर तक सभी 1193 ग्राम पंचायतों के 1834 गांवों को ओडीएफ बनाया जाना है। वर्ष 2015-16 से चल रही इस मुहिम में अब तक केवल 70093 शौचालयों का निर्माण हुआ है, जो टारगेट के मुकाबले केवल 57.27 फीसदी ही है। गांवों को खुले में शौचमुक्त करने की स्थिति अब भी काफी पिछड़ी है। अब तक केवल 123 गांव ही ओडीएफ हो सके हैं।
एसबीएम की यह तस्वीर तब है, जब 48 ग्राम पंचायतों ने गांवों को ओडीएफ घोषित कराने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्हें यह कामयाबी शायद इसलिए मिली, क्योंकि वे योजना के मकसद को ज्यादा समझ पाईं। शौचालय निर्माण का जितना बड़ा टारगेट अभी बाकी है, उसे 2 अक्तूबर तक पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है। हां यह जरूर है कि इन 48 महिला प्रधानों की तरह पुरुष प्रधान भी जुट जाएं तो यह लक्ष्य दूर नहीं रहेगा।
ये महिला प्रधान होंगी सम्मानित
आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक में पुष्पा देवी, सुशीला देवी, मधुबाला, आशारानी, बहेड़ी में ममता गंगवार, शगुफ्ता बेगम, शहाना बेगम, अफरोज फातिया, सरिता चौधरी, संतोष भारती, सावित्री देवी, जसवंत कौर, भदपुरा में सोनी देवी, भोजीपुरा में ममता देवी, सरिता देवी, ममता देवी, राजवती, जैतून बी, भुता में बबली देवी, मीना देवी, पुषा देवी, मुन्नी देवी, बिथरी चैनपुर में रेशमा, दीक्षा, प्रियंका, दमखोदा में मायादेवी, सुशीला देवी, पार्वती, दमखोदा में रेहाना बेगम, फरीदपुर में अनीता देवी, मुन्नीदेवी, गीता देवी, कमला देवी, फतेहगंज पश्चिमी में किरन गंगवार, चंद्रकांता, उर्मिला देवी, क्यारा में विमला देवीच, मीरगंज में रेशमा, नवाबगंज में शांति देवी, सुनीता गंगवार और शेरगढ़ ब्लॉक में प्रधान शाइबा, शमीन बानो।
स्वच्छ भारत मिशन में सराहनीय काम करने वाली महिला प्रधानों को लखनऊ में होने वाले स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम में विभाग की तरफ से भेजने का इंतजाम किया गया है। दूसरी महिला प्रधानों को भी इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। - विनय सिंह, डीपीआरओ