जलस्तर प्रभावित कर रही नदियों से छोड़ा 60 हजार क्यूसेक पानी
बरेली। तीन दिन तक लगातार हुई बारिश को थमे 48 घंटे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन रामगंगा का जलस्तर अभी उफान पर है। सोमवार को जलस्तर 0.4 मीटर की बढ़त के बाद 161.42 मीटर जा पहुंचा। वहीं, जलस्तर प्रभावित कर रही नदियों में पानी छोड़ने का क्रम भी जारी है।
बाढ़ खंड एक्सईएन धर्मेंद्र वर्मा के मुताबिक 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोई खास प्रभाव नहीं होता, लेकिन 60 हजार क्यूसेक से पानी छोड़े जाने पर जलप्रवाह बढ़ने से किच्छा, बहगुल, रामगंगा नदी के तटवर्ती गांवों में जलभराव होता है। सोमवार को खो बैराज से 9,280, कोसी से 10,197, लालपुर बियर से 18,319, गोला से 4,650, कैमरी से 5,780, दूनी डाम से 15,318 क्यूसेक व अन्य नदियों से भी छह नदियों से भी पांच सौ से हजार क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया। जिसके चलते कुछ गांवों की सीमा तक पानी पहुंचा। खेतों में जलभराव की स्थिति बनी।
गांवों में अलर्ट कर निगरानी हो रही है। बंधे दुरुस्त कराए जा रहे हैं। बाढ़ चौकियां भी सक्रिय हैं। ग्रामीणों को नदी की ओर न जाने के लिए कहा जा रहा है। अमर उजाला ब्यूरो