बरेली। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक डोहरा लालपुर रोड स्थित एक मेफेयर लॉन में हुई। इसमें विकास कार्य के 47 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 43 करोड़ रुपये की कार्य योजना को मंजूरी दी गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ब्लॉक प्रमुख व सदस्यों ने फोन न उठाने, तीन वर्ष से बंद पड़ी दुकानों पर बार-बार टैक्स पर्ची का आना, स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य संबंधी जांच न होना, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति नियमानुसार न आने, नलकूप खराब होने की शिकायतें की।
इस मुद्दे पर अध्यक्ष ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीण अंचलों में काॅलोनाइजर, बिल्डर्स, आवासीय व व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा है। जिनका मानचित्र, प्लान, किसी भी अधिकृत संस्था से स्वीकृति नहीं है। इसके दृष्टिगत जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृत करेगी। इसका प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, पर जिला पंचायत कर व लाइसेंस वसूली करेगी।
बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत पंकज कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, मनरेगा के डीसी गंगा राम, जिला उद्यान अधिकारी पुनीत पोठक, एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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जनप्रतिनिधियों को करें आमंत्रित
सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि एक बैठक अलग से कराएं। उसमें जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए। बैठक में शहर को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए क्या-क्या कार्य कर सकते हैं उस पर चर्चा की जाए। जिससे गांवों को और विकास की ओर ले जाया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी जग प्रवेश ने बताया कि ‘दिशा’ नाम से एक एप संचालित है। इस एप से अब तक 75 हजार लोग जुड़ चुके हैं। ब्लॉक प्रमुख व सदस्य इस एप को डाउन लोडकर योजनाओं से संबंधित पात्रों को भी लाभान्वित कराएं और संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराएं।