बरेली में चकबंदी विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। जिले के 81 गांवों की चकबंदी 45 लेखपालों के भरोसे चल रही है। गांवों की संख्या के मुताबिक 45 कानूनगो की जरूरत है, पर तैनाती महज 32 की है। हाल ही में लेखपाल रेखा गोले नौकरी छोड़ गईं। अब एक-एक व्यक्ति के पास कई-कई क्षेत्रों का भार है। इस मामले में डीएम भी दो बार चकबंदी आयुक्त को पत्र लिखकर अतिरिक्त लेखपालों की मांग कर चुके हैं, पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इस वजह से भी यहां की चकबंदी पिछड़ रही है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) पवन कुमार सिंह का कहना है कि 81 गांवों में 32 कानूनगो की तैनाती नाकाफी है। कर्मचारियों की कमी काफी खल रही है। अब एक बार फिर तीन जून को डीएम ने चकबंदी आयुक्त को पत्र लिखकर बताया कि जिले में चकबंदी लेखपाल के 120 पद स्वीकृत हैं। पदोन्नति एवं उसके बाद स्थानांतरण के फलस्वरूप केवल 45 लेखपाल ही कार्यरत हैं। चार लेखपाल निलंबित चल रहे हैं और एक ने नौकरी छोड़ दी है। इसलिए कम से कम 30 अन्य लेखपालों की जरूरत है।
यह भी पढ़ें- UP Police: पिता चलाते हैं पंचर बनाने की दुकान, दो बेटियां बनीं सिपाही, घर में आईं खुशियां
दो साल रहीं गैरहाजिर, फिर दिया इस्तीफा
लेखपाल रेखा गोले 13 अप्रैल 2023 से लगातार गैरहाजिर चल रही थीं। इन्हें एसओसी ने कई नोटिस देकर कार्रवाई की हिदायत दी थी। इस पर रेखा ने छह जून को स्पीड पोस्ट से अपना त्यागपत्र भेज दिया। फोन कॉल पर उन्होंने एसओएसी को बताया कि उन्होंने स्वेच्छा से त्यागपत्र दिया है। अब वह नौकरी नहीं करेंगी। इस पर एसओसी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।