फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

.. लो यहां भी रिहाइशी इलाके में बैंक और कांप्लेक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बीडीए का मास्टर प्लान 2021 बमुश्किल दस साल पहले ही बनाया गया, लेकिन उसमें तमाम ऐसे इलाके आवासीय में शामिल कर दिए गए, जो कामर्शियल रूप में पूरी तरह विकसित हो चुके थे। शाम से रात तक बिजली की दूधिया रोशनी में चमकने वाले इन इलाकों को देखने से भी नहीं लगता कि यह आवासीय हो सकते हैं। मनमाने तरीके से बनाए गए मास्टर प्लान का खामियाजा अब इन कारोबारियों को लाखों की इंपैक्ट फीस चुकाकर भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन

अमर उजाला की रोड वार पड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने कचहरी से चौकी चौराहे तक रोड के दोनों ओर निर्मित दुकानों, बैंक ऑफिस, एलआईसी दफ्तर और होटल के भवन को देखा। कचहरी चौराहे पर करीब एक दर्जन बीज और कीटनाशक की दुकानें अरसे से चल रही हैं, लेकिन बीडीए की नजर में यह एरिया आवासीय है। हालांकि इन दुकानों के पीछे तहसील, रजिस्ट्री दफ्तर और प्रशासनिक अफसरों के दफ्तर हैं। रोड के दूसरी ओर चौधरी चरण सिंह पार्क है। उसके ठीक सामने एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा का भवन है, जो तीन से चार मंजिल ऊंचा है। इसके पड़ोस में होटल की आलीशान बिल्डिंग है। उसके बाद एलआईसी दफ्तर की तीन मंजिला बिल्डिंग है।
जिलाधिकारी आवास के सामने एक प्राइवेट बैंक की मुख्य शाखा का भवन है, जो कई मंजिल ऊंचा है। इसमें कई संस्थाओं के दफ्तर चल रहे हैं। यहां से चंद कदम की दूरी पर प्राइवेट बीमा कंपनी का चार मंजिला भवन है। फिर राष्ट्रीयकृत बैंक के जोनल कार्यालय का भवन है, जो कई मंजिल ऊंचा और काफी चौड़ाई लिए बना है। फिर एक अन्य चार मंजिला भवन में प्राइवेट बैंक समेत कई दफ्तर खुले हैं। उसके बगल में कांप्लेक्स बना है, जिसमें कई कंपनियों के दफ्तर चल रहे हैं। आखिर में वस्त्र महल नाम की दुकान है। फिर कमिश्नरी की सीमा लगने लगती है। उसमें कृषि विभाग और ज्वाइंट डेवलपमेंट कमिश्नर के दफ्तर हैं। सेठ दामोदर स्वरूप पार्क के सामने शहर के बड़े कांप्लेक्स में से एक चौकी चौराहे पर बना है। इसमें दर्जनों प्राइवेट कंपनियों के दफ्तर खुले हुए हैं। सबके सब अच्छे खासे महंगे रेट में। मगर बीडीए के पुराने मास्टर प्लान 2021 (जो दस साल पहले बना था) में यह एरिया कमर्शियल के रूप में दर्ज नहीं है।
विज्ञापन


शहर के कई महत्वपूर्ण एरिया, जो पूरी तरह कमर्शियल हैं, वह मास्टर प्लान 2021 में शामिल नहीं हो पाए हैं। इन इलाकों में व्यवसाय करने वालों को अपने भवन की कंपाउंडिंग कराने के लिए इंपैक्ट फीस देनी पड़ेगी। इसके अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
विज्ञापन

- आशीष शिवपुरी, चीफ टाउन प्लानर, बीडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें