बरेली। इंजीनियरिंग विभाग में कैपरी पहनकर जाने वाली छात्रा को गुरुवार को भी डीन ने काफी समझाया। उसकी पुरानी शिकायतें और टेस्ट में कम नंबर आने का हवाला देते हुए पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। डीन ने बताया कि छात्रा पूर्व में हाफ पैंट पहनकर पहुंची थी लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। मगर अब ऐसा नहीं होगा। विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग करके होटल मैनेजमेंट और एमबीए की तरह ही इंजीनियरिंग में भी ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय है, बॉलीवुड नहीं हैं।
विश्वविद्यालय कैंपस स्थित हॉस्टल में रहने वाली बीटेक इलेक्ट्रिकल सेकेंड ईयर की छात्रा बृहस्पतिवार को कैपरी पहनकर विभाग में पहुंच गई। डीन प्रो. एके गुप्ता ने इस पर एतराज जताया तो कुछ लोगों ने मामले को तूल देने की कोशिश की। इस पर शुक्रवार को उन्होंने छात्रा को दोबारा बुलाया और उसकी पुरानी शिकायतें बताईं। छात्रा से कहा कि उसके बारे में अन्य शिक्षकों की भी शिकायतें हैं कि पढ़ाई पर ध्यान नहीं है और कुछ टेस्ट में तो उसे शून्य अंक मिले हैं जबकि इंटर में उसके 75 प्रतिशत अंक थे। डीन के तर्कों के आगे छात्रा निरुत्तर हो गई और माफी मांगी।
हॉस्टल में भी होगी सख्ती
डीन प्रो. एके गुप्ता ने बताया कि छात्राओं के ऐसे कपड़े पहनकर हॉस्टल से बाहर निकलने के बारे में गर्ल्स हॉस्टल की डीन से भी बातचीत की गई है। अब वहां भी सख्ती होगी और छात्राएं ऐसे कपड़े पहनकर हॉस्टल से निकलकर कॉलेज नहीं आ सकेंगी।