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साहब तो खा-पीकर चले गए थे, टल्ली हुए मातहतों ने बिगाड़ दिया खेल

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बरेली। महिला अस्पताल में सोमवार की देर शाम हुई दारू पार्टी के चार दिन बाद भी असमंजस बना हुआ है। तय नहीं हो पा रहा है कि जांच सच को कागजों पर लाने के लिए हो रही है या दबाने के लिए। वैसे तो इस दारू पार्टी में कौन-कौन शामिल था और फिर हंगामा क्यों हुआ, इसकी चर्चा स्टाफ में हर जुबान पर है, लेकिन दूसरी तरफ गुरुवार को सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने फिर स्टाफ को बुलाकर पूछताछ की तो उन्हें किसी ने कुछ नहीं बताया। सीएमएस का कहना है कि यह पता नहीं लग पा रहा है कि खिड़की का कांच टूटकर क्यों गिरा और मैटरनिटी विंग में खून क्यों बिखरा पड़ा था।
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महिला अस्पताल में दारू पार्टी के मामले में बुधवार को मेटर्न रमोला ने चौकीदार महेश और जितेंद्र के लिखित बयान लिए। चौकीदारों ने इतना ही कहा कि शीशा टूटा था, बोले इसके अलावा कुछ पता नहीं। उधर चर्चाओं में पल-पल का घटनाक्रम स्टाफ की जुबान पर है। सूत्रों का कहना है कि महिला अस्पताल के ही पैथॉलॉजी लैब के कुछ स्टाफ ने यह दारू पार्टी की थी, इसमें कुछ मेल डॉक्टरोें के साथ अन्य स्टाफ भी शामिल हुआ था। डॉक्टर शाम करीब पांच बजे चले गए थे, जिसके बाद फोर्थ क्लास कर्मचारियों के बीच कहासुनी होने के बाद जगड़ा हो गया। इसी दौरान कांच तोड़ दिया गया जो तेज आवाज के साथ नीचे गिरा तो पकड़े जाने के डर से सारे लोग वहां से रफूचक्कर हो गए।
मंगलवार को सीएमएस ने तीन सदस्यीय समिति को जांच के निर्देश दिए थे। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यशवंत समेत डॉ. शशि गुप्ता और मेटर्न रमोला शामिल थीं। शुक्रवार को सीएमएस ने चिकित्सा अधीक्षक को जांच कमेटी से हटाकर सीनियर डॉक्टर को रख दिया।
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मामले की जांच चल रही हैं। जो चर्चाएं हो रही हैं उनकी सत्यता की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। अगर अधिकारी या स्टाफ दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - डॉ. अलका शर्मा,
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