मझगईं। चौखड़ा फार्म में हाथियों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात भी गेहूं के खेतों में कहर बरपाते हुए जंगली हाथियों के झुंड ने फसलों को तहस-नहस कर दिया। सूचना पाकर पहुंचे वन दरोगा और फारेस्ट गार्ड ने हवाई फायरिंग करके हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों ने लगभग आठ बीघा गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
बता दें कि चौकी क्षेत्र के भगवंतनगर और चौखड़ा फार्म में दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकलकर आ रहे हाथी लगातार किसानों की फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। इसके बाद भी पार्क प्रशासन हाथियों से किसानों की फसलों को बचाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। बीती रात करीब 12 बजे चौखड़ा फार्म निवासी जसवंत सिंह के खेतों में लगभग एक दर्जन जंगली हाथी घुस गए। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर नींद से जागे जसवंत सिंह ने इसकी सूचना मझगईं वन चौकी पर दी। सूचना पर पहुंचे वन दरोगा राजाराम, फारेस्ट गार्ड शरद मिश्रा और वाचर ने अन्य लोगों के सहयोग से गोला-पटाखा दागा। जिसके बाद हवाई फायरिंग कर खेतों से हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा। थोड़ी देर बाद हाथी फिर वापस आ गए और गेहूं के खेतों में उत्पात मचाने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों और किसानों ने हाथियों को जंगल की ओर भगाया। वन दरोगा राजाराम ने बताया कि रात में सूचना पाकर पहुंचे थे, लगभग तीन घंटे हाथियों के भगाने में किसान का काफी गेहूं खराब हो गया है। बताया कि इलाके में बराबर गश्त की जा रही है।