बहेड़ी। पुरैनियां गांव के तीस वर्षीय युवक की मौत के बाद गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार कर दिया गया। रात को जलती चिता देखने पहुंचे ग्रामीणों ने तीन लोगों को शव के सीने के पास से हड्डियां निकालते देखा। ग्रामीणों के ललकराने पर कुछ दूरी पर तंत्र क्रिया कर रहे दोनों तांत्रिक तो भाग निकले लेकिन जिसका इलाज होना था, वह युवकों के हत्थे चढ़ गया। गुस्साए ग्रामीणों ने उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले किया। सीओ बहेड़ी श्मशान पहुंचकर घटना का जायजा लिया। तीन तांत्रिकों के खिलाफ मृतक परिवार के महेंद्र कुमार की तहरीर पर शव से छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुरैनियां गांव के तीस वर्षीय नरपत उर्फ राजू की शनिवार तड़के बीमारी के चलते मौत हो गई। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया। चिता को आग देने के बाद सभी लोग घर चले गए। रात करीब नौ बजे गांव के तीन लोग जलती चिता को देखने के लिए दोबारा श्मशान पहुंचे। यहां तंत्र क्रिया होते देखकर ग्रामीण गुस्सा गए। हल्ला मचाते हुए चिता की तरफ दौड़ लगा दी। ग्रामीणों को आता देखकर तांत्रिक सद्दाम व असलम भाग निकले। ग्रामीणों ने सिमरा गांव के छोटे लाल को पकड़कर पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों ने विधायक छत्रपाल सिंह से मिलकर पूरा मामला बताया तो इंस्पेक्टर से कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
नरपत के पिता की चिता से भी हो चुकी हैं हड्डियां गायब
बहेड़ी। ग्रामीणों ने बताया करीब दस शवों के सीने की हड्डियां तांत्रिक पहले भी गायब कर चुके हैं। इससे पहले नरपत के पिता की चिता के साथ भी छेड़खानी हो चुकी है। इस बार गांव के लोगों ने ठान ली थी कि रात को देखने जलाएंगे कि जलती चिता से हड्डियां कौन ले जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस छोटेलाल को भूत-बाधा का शिकार बता रही है लेकिन वह भी एक तांत्रिक है। वह नाटक करके पुलिस को गुमराह कर रहा है।
वहीं पुलिस का कहना है कि छोटेलाल का मेडिकल होने के बाद पूछताछ में पूरी कहानी खुली। छोटे लाल भूत-बाधा का मरीज बताया गया। गांव के तांत्रिक सद्दाम उसको अपने गुरु असलम के पास ले गया था। रात करीब साढे़ आठ बजे तीनों नरपत की जलती हुई चिता के पास बैठे और सीने के शेष भाग को निकालकर तंत्र क्रिया करने लगे। पुलिस ने मौके से एक बाइक भी बरामद की है।
जिस युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा वह मानसिक रूप से कमजोर बताया गया है। दोनों तांत्रिकों के साथ भूत-बाधा का इलाज कराने पहुंचा था। अभी जांच जारी है। - दलवीर सिंह, इंस्पेक्टर बहेड़ी