बरेली। बिहारीपुर खत्रियान स्थित श्री रघुनाथ मंदिर पर ब्राह्मण समाज के दो गुट सामने आने पर रविवार को हंगामा हो गया। एक गुट द्वारा आयोजित खिचड़ी भोज व प्रदोष पूजन से पूर्व दूसरे गुट ने मंदिर का दरवाजा बंद कर लिया। इससे करीब तीन घंटे तक हंगामा हुआ। श्रद्धालुओं को दिक्कत हुई तो कोतवाली पुलिस नेसख्ती दिखाकर कपाट खुलवाए। दोनों पक्षों से चार-चार लोग मुचलका पाबंद किए गए हैं।
रघुनाथ मंदिर का प्रबंधन जिला ब्राह्मण सभा रजिस्टर्ड बरेली संभालती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे स्व. राजीव शर्मा ने भूमि देकर मंदिर की स्थापना कराई थी। उनकी बेटी डॉ. नीतू के संरक्षण में समिति काम करती है। ब्राह्मण समाज की ही एक समिति अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा भी है। रविवार को इसी संस्था ने मंदिर में आचार्य संजीव गौड़ की कथा, प्रदोष पूजन व खिचड़ी भोज रखा था। मंदिर का शटर सुबह से बंद था तो साइड का गेट करीब नौ बजे बंद कर दिया गया। कई श्रद्धालु लौट गए। करीब 11 बजे आयोजक खिचड़ी भोज को पहुंचे तो ताला देखकर हंगामा कर दिया। दूसरा पक्ष अंदर मीटिंग कर रहा था। दोनों पक्षों में तकरार के बाद ताले तोड़ने की कोशिश हुई। तंग गली में करीब तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल फोर्स लेकर पहुंचे और सख्ती से भीड़ को खदेड़ दिया। दोनों पक्षों से बात कर सिटी मजिस्ट्रेट को जानकारी दी और दोनों पक्षों को उनके पास जाने कहा। मगर उन लोगों ने सोमवार को मिलने की बात कही है।
कमेटियों का है विवाद, भरतौल भी पहुंचे
घटनाक्रम के पीछे असली विवाद कमेटियों का है। बताते हैं कि अंदर की राजनीति के चलते संचालन समिति ने शनिवार रात कमेटी के पुराने अध्यक्ष को बदलकर सारे नाम-पते पुतवा दिए। वहीं, तीन महीने पहले समाज की ही दूसरी समिति जिला ब्राह्मण महासभा भवन समिति के अध्यक्ष सुधीर शर्मा की जगह सुरेंद्र पांडेय बनाए गए। इसके बाद गुटबाजी हावी होने लगी। रविवार को सुबह नौ बजे विवाद की सूचना पर बिथरी विधायक पप्पू भरतौल भी पहुंचे और कुछ देर वहां रुककर लोगों को समझाने का प्रयास किया।
ब्राह्मण समाज के दो पक्षों का विवाद है। असली मुद्दा अध्यक्ष पद का चुनाव बताया जा रहा है। हमने वीडियोग्राफी कराई है। हंगामा करने वाले दोनों पक्षों के चार-चार लोगों को मुचलका पाबंद किया है। कमेटी विवाद सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से सुलझाया जाएगा। खिचड़ी भोज पड़ोस की धर्मशाला में करा दिया गया। - गीतेश कपिल, कोतवाल
कार्यक्रम से किसी को नहीं रोका जाता। यह कार्यक्रम बिना अनुमति किया जा रहा था। दरअसल दूसरे पक्ष की इच्छा मंदिर में घुसकर अव्यवस्था फैलाने की थी, इसलिए गेट कुछ समय को बंद किया गया।
- अनुज कुमार शर्मा, अध्यक्ष जिला ब्राह्मण सभा रजिस्टर्ड बरेली
सुबह मंदिर में ताला डालकर लोगों को पूजा करने से रोका गया। खिचड़ी भोज जैसा सामाजिक कार्यक्रम नहीं करने दिया गया। यह सरासर गलत है। कुछ लोग मंदिर पर एकाधिकार जताकर स्थिति खराब करने पर तुले हैं। हम लोगों से अभद्रता की गई। - आचार्य संजीव गौड़, कथावाचक (संरक्षक अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा)
मेरे पिता ने मंदिर स्थापना कराई। उन्हीं की बनाई रजिस्टर्ड समिति मंदिर का संचालन करती है। सारे कागज हैं। बाहरी लोग इसमें दखल देकर व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट को सच बताएंगे। - डॉ. नीतू, संरक्षक, जिला ब्राह्मण सभा रजिस्टर्ड बरेली
हम पुजारी हैं। हमें किसी पक्ष से लेनादेना नहीं है। बस इतना चाहते हैं कि मंदिर को लेकर कोई विवाद या श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। - मोनू पांडेय (पुजारी प्रकाश चंद्र पांडेय के पुत्र)
स्थानीय लोगों की बात-
मंदिर ब्राह्मण समाज का है, जहां दूसरी जातियों के लोग भी पूजा करते हैं। हमें कमेटियों के विवाद से मतलब नहीं, पर मंदिर में ताला डालना गलत है। - गीता अग्रवाल
मंदिर में पूजापाठ पर प्रतिबंध लगाना कहां का न्याय है। मंदिर स्वामित्व पर कोई विवाद है तो उसे सही प्लेटफार्म पर निपटाना चाहिए। अधिकारी जल्दी निस्तारण करें। - प्रवीण शंखधार
मंदिर किसी का सही पर सभी जाति के लोग धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। लोग दान देते हैं तो व्यवस्थाओं में भी सहयोग करते हैं। प्रशासन को चाहिए कि क्षेत्रवासियों के हितों को ध्यान में रखे। - पीसी पाल एडवोकेट
मंदिर रजिस्टर्ड समिति के ही संरक्षण में है। बरसों से यहां जो अध्यक्ष थे उनका क्षेत्र में काफी सम्मान है। उन्हें हटाकर कल ही किसी अन्य को जिम्मेदारी देने से लोग नाराज हैं। खिचड़ी भोज पर विवाद तो शिगूफा है - मनोज सक्सेना