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हिचकियां ले रही जिलाध्यक्षी खत्म, शुभलेश के साथ पूरी टीम बर्खास्त

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काफी समय से हिचकियां ले रही शुभलेश यादव की जिलाध्यक्षी पर आखिरकार सपा हाईकमान ने आखिरी वार कर ही दिया। शुभलेश के साथ उनकी पूरी टीम भी बर्खास्त कर दी गई। कुछ देर बाद पार्टी की महानगर कार्यकारिणी के लिए भी ऐसी ही दुखदायी सूचना आ गई। दरअसल, 23 अगस्त को लखनऊ सम्मेलन के बाद से ही जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव को हटाने की लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। तब से अब तक शुभलेश की अगुवाई में पार्टी को कई झटके और लगे। अंतत: हाईकमान ने उन्हें हटाने का फरमान सुना दिया। दोपहर के वक्त व्हाट्सएप पर जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने का संदेश मिलते ही शुभलेश सरदार पटेल जयंती की तैयारी के लिए चल रही बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए।
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सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के हस्ताक्षर से जारी जिला कार्यकारिणी भंग करने का पत्र दोपहर करीब 1.20 बजे जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव के व्हाट्सएप पर पहुंचा। उस समय सपा कार्यालय पर देश के पूर्व गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती की तैयारियों के लिए मीटिंग चल रही थी। पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार 30 अक्टूबर को पटेल जयंती मनाने के लिए जिम्मेदारी तय कर रहे थे। इसी दौरान लखनऊ मुख्यालय से शुभलेश के व्हाट्सएप पर एक पत्र आया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के हस्ताक्षर के हवाले से लिखा था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अनुमति से सपा की जिला कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है। यह पत्र पढ़ते ही शुभलेश समेत जिला कार्यकारिणी पदाधिकारियों में मायूसी छा गई। थोड़ी देर बाद मुख्यालय से दूसरा पत्र मुख्यालय से आया। उसमें अध्यक्ष कदीर अहमद को हटाने के साथ महानगर कार्यकारिणी को भी भंग करने का आदेश था। जिला और महानगर कार्यकारिणी भंग होने के बाद संगठन में विभिन्न पदों पर काबिज सपा नेताओं के चेहरे उतर गए। सोशल मीडिया पर कार्यकारिणी भंग वाले पत्र चलाकर शुभलेश विरोधी खेमे ने टीका टिप्पणी शुरू कर दी। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के नेता भी इस काम में नहीं चूके।



‘चचा’ जैसे सभी बड़ों का प्यार दिल में न समाए : शुभलेश
सपा के बर्खास्त जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि अचानक कार्यकारिणी भंग करने की वजह तो नेतृत्व ही बता सकता है। अब उनके भविष्य का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथ में है। वह जो फैसला लेंगे, वह उसे पूरी तरह मानेंगे। शुभलेश ने कहा कि अपने 21 महीने के कार्यकाल में उनको पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, सर्वराज सिंह, पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार, पूर्व विधायक अताउर्रहमान, सियाराम सागर, इस्लाम साबिर समेत सभी बड़े नेताओं का उम्मीद से ज्यादा स्नेह मिला। इसके लिए वह सबका शुक्रिया अदा करते हैं।
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फोटो- वीरपाल सिंह यादव
‘भतीजे’ जैसा जिलाध्यक्ष न कभी हुआ न होगा
समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि भतीजे शुभलेश यादव का 21 महीने का जिलाध्यक्ष पद पर कार्यकाल शानदार रहा। भतीजे जैसा जिलाध्यक्ष न कभी पहले रहा, न हो पाएगा। सपा में कुछ लोग भतीजे को हटवाने की साजिश में लगे थे। उन्होंने पहले ही आगाह किया था कि एक नेता अपने चमचे को जिलाध्यक्ष बनवाना चाहते थे। अब उनके मन की हो गई। बहरहाल शुभलेश के साथ सपा ने अन्याय किया है। अभी कुछ दिन और मौका देना चाहिए था क्योंकि भतीजा संगठन और पार्टी को मजबूत करने में लगा था। वह कुछ वक्त और जिलाध्यक्ष रह लेता तो सपा बहुत मजबूत बनकर उभरती।

कौन है कप्तानी की दौड़ में
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव समेत उनकी पूरी टीम की बर्खास्तगी के बाद सपा की नई कप्तानी पर अटकलें लगने लगी हैं। नए जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद पर दावेदार सक्रिय हो गए हैँ। सपा के नए जिलाध्यक्ष के रूप में पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार और आंवला से पूर्व विधायक रहे महिपाल सिंह यादव की दावेदारी सामने आ रही है। पूर्व सांसद सर्वराज सिंह, पूर्व विधायक अताउर्रहमान, इस्लाम साबिर और डा. सियाराम सागर जैसे वरिष्ठ नेता जिलाध्यक्ष बनने से साफ इनकार कर चुके हैं।
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