‘मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों और दकियानूसी सोच की वजह से किशोरियों के ‘सपनों की उड़ान’ को मुकाम नहीं मिल पाता। किशोरियां और उनकी मां अपनी इस तरह की सोच और भ्रांतियों को जहन से निकालें। इन पर खुलकर बात करें। पीरिएड्स (मासिक धर्म) को बीमारी न समझें, बल्कि इसे ईश्वर दिया तोहफा समझें।’ यह बातें मिसेज गैलेक्सी का ताज जीतने वाली सौम्या शर्मा ने रविवार को कहीं। कहा, इस विषय पर अब संकोच, झिझक या शर्माने की जरूरत नहीं है। खुलकर बात न करने से हजारों लड़कियां गंभीर बीमारी की शिकार हो जाती हैं। चेताया- कभी-कभार यह संक्रमण इस कदर फैलता है कि मौत भी हो सकती है, इसलिए सोच को सही दिशा में लगाएं न कि उसे दकियानूसी बनाएं।
व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की ओर से रविवार को संजय कम्युनिटी हाल में सपनों की उड़ान कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद सौम्या शर्मा ने किशोरियों और महिलाओं को ‘माह के मुश्किल दिनों’ की झिझक को दूर करने का सुझाव दिया। व्हिस्पर कंपनी की ओर से मौजूद भावना और रीता ने व्हिस्पर अल्ट्रा चॉइस पैड की गुणवत्ता बताई। डॉक्युमेंट्री के जरिए आमतौर पर मन में उठने वाले माहवारी से जुड़े सवालों के जवाब दिखाया। इसके बाद डेमो के तौर पर प्रैक्टिकली पैड और कपड़े के प्रयोग को एक कार्ड बोर्ड के जरिये दिखाया। इस दौरान एसआरएमएस की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शशिबाला आर्य ने माहवारी की शुरुआत और उसकी जरूरत को बताया। इससे पहले क्षेत्राधिकारी द्वितीय सीमा यादव ने किशोरियों को माहवारी विषय पर खुलकर बात करने का सुझाव दिया। साथ ही, लड़कियों को राह चलते मजनुओं को सबक सिखाने और महिलाओं को घरेलू हिंसा के लिए बनाए गए कानून की जानकारी दी। जूडो की स्टेट प्लेयर रेनू कुमारी ने भी झिझक को खत्म करने का सुझाव दिया।
किशोरियों को सिखाए आत्मरक्षा के गुर
जूडो की स्टेट प्लेयर रेनू कुमारी ने सहयोगी हसीन की मदद से किशोरियों को शोहदों को सबक सिखाने और आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने राह चलते होने वाली घटनाओं से बचने के लिए ऐसे टिप्स दिए जो शोहदों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे। इसके लिए उन्होंने लड़कियों को ऐसे पैंतरों को सीखने की सलाह भी दी।
खेल के जरिए बताई सेनेटरी नेपकिन की जरूरत
कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले एंकर संजना ने 5-5 मां और उनकी बेटियों को मंच पर बुलाकर रस्सीकूद और रस्साकशी का खेल खेलने को कहा। इसमें मां और बेटी दोनों ने ही हाथ आजमाए। इसके बाद एंकर ने उनसे पूछा कि क्या वे ‘मुश्किल दिनों’ में भी यह खेल खेल सकती हैं? तो जवाब था नहीं, लेकिन उन्होंने स्वीकारा कि अगर पैड रहेगा तो झिझक और डरने की जरूरत नहीं रहेगी।
लकी ड्रॉ में बनीं विजेता
कार्यक्रम के आखिर में लकी ड्रॉ हुआ। इसमें 10 लकी कूपन निकाले गए। विजेताओं को गिफ्ट दिए गए। इसके बाद मौजूद सभी को सर्टिफिकेट दिया गया साथ ही, व्हिस्पर अल्ट्रा चॉइस का सैंपल पैक दिया गया।