रुहेलखंड की उपेक्षा
जागर जनकल्याण समिति के सचिव डा. प्रदीप कुमार का कहना है कि राज्य सरकार के बजट में बरेली समेत रुहेलखंड मंडल की उपेक्षा की गई है। स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए प्रावधान नाकाफी हैं। सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो की बात भी बेमानी है। किसी नए कालेज या विश्वविद्यालय की बात बजट में नहीं है।
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अब तक का सबसे बड़ा बजट
होम्योपैथिक चिकित्सक डा. विकास वर्मा का मानना है कि यह अब तक सबसे बड़ा बजट है। सोलर प्लांट लगाना, सामूहिक विवाह, पशु चिकित्सक सचल दल निर्माण और सिंचाई परियोजनाओं में धनराशि बढ़ाकर गांव और गरीब की चिंता की गई है। मेडिकल में 54 फीसदी धनराशि बढ़ाई है। कुंभ मेले को अंतर्राष्ट्रीय बनाने की योजना बेहतरीन है।
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गरीबों की मुश्किलें बढ़ेंगी
बार एसोसिएशन अध्यक्ष घनश्याम शर्मा का कहना है कि राज्य सरकार का बजट विकासोन्मुखी नहीं है। बजट में कही गई अधिकांश चीजों की ठोस प्लानिंग नहीं है। गांव, गरीब और किसान के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन का तरीका नहीं समझाया गया। नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की उपेक्षा हुई है। इससे महंगाई बढ़ेगी। जनता की मुश्किलें बढ़ेंगी।
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सरकार का बजट संतुलित
चिकित्सक डा. एके चौहान का कहना है कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के अलावा हर तबके का ख्याल रखा है। बजट में कुछ नई चीजें भी लाए हैं। यह स्वागत योग्य है। बस, सरकार अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करा दे।
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स्कीमें बेहतर, लेकिन पैसा कम
प्रगतिशील किसान अनिल साहनी के अनुसार बजट बहुत ही बैलेंस है। लघु सिंचाई में 36 करोड़, दीनदयाल ग्रामोद्योग योजना में 10 करोड़ बहुत कम है। वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट योजना किसानों की तकदीर बदल सकती है। बेशर्ते कि सरकार बजट के प्रावधानों का सही से क्रियान्वयन कराए। कृषि विभाग के अफसर बेलगाम और भ्रष्ट हैं। इन पर सरकार कंट्रोल करे।
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अस्पतालों का मैनेजमेंट ठीक करें
रुहेलखंड मेडिकल कालेज के डा. केशव कुमार का मानना है कि बजट में स्वास्थ्य के लिए पिछली बार से काफी पैसा बढ़ा है, लेकिन इससे काम नहीं चलेगा। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनें तो हैं लेकिन स्टाफ नही ंहै। सबसे पहले सरकार स्टाफ की भर्ती कर खाली पद भरे और अस्पतालों का मैनेजमेंट सिस्टम ठीक करे। इलाज और दवाएं मरीजों की पहुंच में हो।
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वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट बेहतर
बजट में वन डिसिट्रक, वन प्रोडक्ट किसानों के लिए सबसे बेहतर योजना है। सरकार चीन की तर्ज पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बेस मजबूत करना चाहती है। बजट में कई नई चीजें हैं। बजट संतुलित है। कुछ प्रावधान काफी बेहतरीन है। सरकार प्रशासनिक तंत्र मजबूत कर बजट के प्रावधानों को सख्ती से लागू करवाए। अनुपम सक्सेना, आर्किटैक्ट
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रियल एस्टेट को गति मिलेगी
क्रेडाई अध्यक्ष रमनदीप सिंह का कहना है कि योगी सरकार का बजट बेहतरीन है। रियल एस्टेट में पीएम आवास योजना के लिए 11500 करोड़ का प्रावधान स्वागत योग्य है। स्वास्थ्य और शिक्षा के अलावा किसानों के हित में भी कई योजनाएं बनाई गई हैं। पीएम आवास योजना के नियमों को उदार बनाने की जरूरत है। रमनदीप सिंह, अध्यक्ष क्रेडाई
विपक्ष ने बजट को बताया निराशाजनक
बरेली। योगी सरकार के बजट को विपक्षी दलों सपा, कांग्रेस और बसपा ने निराशाजनक बताया है। कहा है कि भाजपा सरकार के पास विकास का कोई विजन ही नहीं है। वह पुरानी सरकारों की योजनाओं की नकल करके जनता के सामने नए रूप में प्रस्तुत कर रही है। बजट लोकसभा के 219 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर लाया गया है। इसमें सिर्फ झूठे सपने और वादे हैं। इनके अलावा कुछ नहीं।
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बजट पूरी तरह हताश और निराश करने वाला है। इसमें युवाओं के रोजगार के लिए ठोस योजना नहीं पेश की गई है। महिलाओं की सुरक्षा और गरीबों के उत्थान पर सरकार की कोई प्लानिंग नहीं है। अधिकांश योजनाएं पूर्ववर्ती अखिलेश यादव की हैं, जिनकी नकल की गई है। - शुभलेश यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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बजट में सिर्फ घुमावदार और लच्छेदार बातें हैं। भाजपा सरकार को पता ही नही है कि जनता की क्या जरूरतें हैं। भाजपा सांप्रदायिकता फैलाकर चुनाव जीतती है। इनसे जनकल्याण की बात करना बेमानी है। 2019 का चुनावी बजट जनता को भ्रमित करने वाला है। - रामदेव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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भाजपा सरकार के बजट में ऐसी कोई खास बात नहीं है जिससे दलित, पिछड़े या गरीब और मध्यम वर्ग को कोई राहत पहुंचती दिखे। सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। जनता महंगाई से परेशान है। सरकार के बजट में यह चिंता नहीं दिखी। - राजेश सागर, जिलाध्यक्ष बसपा
गांव, गरीब, किसानों को समर्पित है बजट
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योगी सरकार ने अपने बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने का काम आगे बढ़ाया है। बजट गरीब, गांव, किसान और मध्यमवर्ग को समर्पित है। महिलाओं और बेरोजगारों का भी ध्यान रखा गया है। अब तक का सबसे बेहतर बजट है। - रवींद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा