बरेली। चालक न होने के कारण बरेली और रुहेलखंड डिपो की 38 बसों को निरस्त कर दिया गया। इसके चलते बरेली से विभिन्न रूटों पर जाने-आने वाले यात्रियों के सामने मुसीबत बनी रही।
गौर करने की बात यह है कि 28 फरवरी से मुख्यालय ने चालक-परिचालकों के साथ-साथ सभी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी मनमाने तौर पर कई चालक छुट्टी पर चले गए। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा।
परिक्षेत्र के बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो में 706 बसें हैं। कुल पदों के अनुपात में इन चारों डिपो में 110 चालक और इतने ही परिचालकों की कमी है। कई लंबे रूटों पर एक ही चालक को भेजा जा रहा है। दूसरी ओर अफसरों के चहेते और नेता नगरी के करीबी चालक बुधवार को रोक के बावजूद अवकाश लेकर चले गए।
इसके चलते रुहेलखंड और बरेली डिपो की 38 बसों को निरस्त करना पड़ा। 80 बसें समय से नहीं चलाई जा सकीं। पुराना रोडवेज और सेटेलाइट बस अड्डे पर तमाम यात्री गंतव्य के लिए बस की तलाश में भटकते नजर आए।
रुहेलखंड डिपो की कई एसी बसें भी होली पर रफ्तार नहीं पकड़ सकीं। क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि जो भी चालक होली पर अवकाश लेकर गए हैं, उनकी सूची मांगी गई है। अनावश्यक रूप से छुट्टी पर जाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।