बरेली। जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हजारों नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने 369 जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का फैसला किया है। इसके लिए सर्वे भी पूरा करा लिया गया। जल्द ही यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करके जर्जर भवनों को ढहाया जाएगा।
जिले में सरकारी विद्यालयों के 502 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। बेसिक शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त तकनीकी मूल्यांकन समिति की ओर से इनका निरीक्षण किया गया। इनमें से 369 की हालत ज्यादा खराब मिली। ऐसे में इन्हें गिराने का निर्णय लिया गया। 133 विद्यालय भवनों की स्थिति ऐसी पाई गई है जिन्हें मरम्मत और जीर्णोद्धार के बाद पुन: पठन-पाठन योग्य बनाया जा सकता है।
विकास खंडवार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो नवाबगंज ब्लॉक में जर्जर भवनों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां के कुल 71 जर्जर भवनों में से 64 को गिराने का निर्णय लिया गया। मीरगंज ब्लॉक में 62 चिह्नित भवनों में से 27 को ध्वस्त किया जाएगा।
बिथरी चैनपुर ब्लॉक में 61 में से 31, आलमपुर जाफराबाद के 56 में से 37 को ध्वस्त करने की संस्तुति की गई है। क्यारा ब्लॉक में 35 में से 32, रामनगर में 24 में से 23, फतेहगंज पश्चिमी में 23 में से 21 विद्यालय भवनों को ध्वस्त किया जाएगा।
जेम पोर्टल से होगी नीलामी
बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और नीलामी समिति के अध्यक्ष को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि वे इन सभी ध्वस्त होने वाले जर्जर भवनों की नीलामी प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के पूरा कराएं। नीलामी जेम पोर्टल से की जाएगी। जर्जर भवनों को ढहाने के बाद जमीन पर जल्द से जल्द नई बिल्डिंग बनाई जाएगी।