लंबे समय से उमस और गर्मी से बेहाल लोग बारिश की दुआ कर रहे थे। इंद्रदेव मेहरबान हुए तो 21 सितंबर की रात से आसमान में बादल छा गए। बरसात हुई तो लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली लेकिन नगर निगम की बदइंतजामी से केवल 36 घंटे की 50 मिलीमीटर बारिश भी शहर बर्दाश्त नहीं कर पाया। निचली कॉलोनियों के अलावा पाश कॉलोनियों में भी जलभराव होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
संजय नगर की जोशी गली में दो सौ से ज्यादा घरों में तीन से चार फुट तक पानी भरने से चूल्हे नहीं जले। खाना होटल या रिश्तेदारों के घर से मंगाना पड़ा। नालियां चोक होने से गंदा पानी रसोई और बेडरूम तक पहुंच गया। बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। लोगों ने गेट पर आकर या घर की छत पर बैठकर वक्त काटा। नन्हे यादव के घर के दरवाजे पर चार फुट तक पानी भरा था। वह मकान में ताला लगाकर कहीं चले गए। प्रेमपाल यादव, झांझनलाल शर्मा, भूप सिंह समेत 60 से ज्यादा घरों में तीन से चार फुट पानी भरने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को छत पर शरण लेनी पड़ी।
सुभाषनगर पुलिया रोड पर हमेशा की तरह दो से तीन फुट तक पानी भरा रहा। यहां अवध कॉलोनी, संतोषी माता मंदिर के निकट गली में, खन्ना बिल्डिंग के पीछे की दो गलियां, मुख्य बाजार, राजीव कॉलोनी और वीरभट्टी की गलियां दलदल बन गईं। एजाजनगर गौंटिया में कमर तक पानी भरा रहा। पूर्व पार्षद मुशर्रफ अंसारी बोले, नगर निगम हमें किस बात की सजा दे रहा है। बुखारपुरा, जगतपुर, जोगी नवादा, रबड़ी टोला, रोहिली टोला, सूफी टोला, बानखाना, किला, भूड़, बड़ा बाजार, बिहारीपुर कहरवान, कालीबाड़ी, सिकलापुर, मढ़ीनाथ की अशोक नगर कॉलोनी, हार्टमैन स्कूल के पीछे की नई बस्ती समेत निचले इलाकों में जलभराव होने से गलियां दलदल बन गईं। पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूटी, बाइक, स्कूटर समेत अन्य दोपहिया वाहनों से चलने वाले लोग गड्ढों में भी गिरते रहे।
फ्लाईओवर के किनारे किचकिच
शहामतगंज और कुदेशिया फाटक फ्लाईओवर निर्माण कार्य के चलते यहां बारिश होने के बाद कचकच हो गई। सड़क के किनारे गड्ढों में जलभराव होने से किनारे से गुजरने वाले वाहनों से पूरे दिन लोग चोट खाते रहे। कुदेशिया फाटक के किनारे भारी भरकम गड्ढों ने आम जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया।
पाश कॉलोनियां में जलभराव
बारिश से सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन, मॉडल टाउन, राजेंद्र नगर, डीडीपुरम, जानकीपुरम, जनकपुरी, गांधीपुरम, स्टेट बैंक कालोनी, पवन विहार, महानगर कालोनी, फाइक इन्क्लेब समेत पाश कालोनियों में भी जलभराव हुआ। हालांकि थोड़ी देर बाद इन कालोनियों का पानी सीवर या नालियों से होकर बह गया। चौपुला से किला पुल तक सड़क के किनारे सुबह पानी भरा लेकिन बारिश रुकते ही पानी नाली के रास्ते बह गया।