शासन की स्वीकृति मिलने से बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) की सीमा में 35 नए गांव शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सदर तहसील के पांच, आंवला के 14 और फरीदपुर के 16 गांव अब शहर का हिस्सा होंगे। इन गांवों में अब तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। अब यहां के लोग प्राधिकरण से नक्शा पास करवाकर निर्माण कार्य करा सकेंगे।
इसके साथ ही बदायूं रोड पर प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित नाथधाम व एमएसएमई टाउनशिप को भी गति मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित गांवों के बीडीए की सीमा में शामिल नहीं होने की वजह से योजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी। बीडीए अब भूमि अधिग्रहण का काम शुरू करेगा। बीडीए की ओर से डिमांड सर्वे में इन योजनाओं के लिए निवेशकों की ओर से करीब 6,000 आवेदन आए हैं। अब ये प्रोजेक्ट धरातल पर उतर सकेंगे।
तेजी से होगा विकास
बीडीए की सीमा में जिन गांवों को शामिल किया गया है, उनमें अब अवस्थापना बजट से आने वाली रकम से विकास कार्य कराए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक जो गांव प्राधिकरण की सीमा में शामिल हुए हैं, वहां मानचित्र की स्वीकृति व कंपाउंडिंग आदि से जो भी धनराशि मिलेगी, उसे उन्हीं गांवों के विकास में लगाया जाएगा। इन गांवों में नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजे जा सकेंगे।
ये काम हो चुके हैं पूरे
अधिशासी अभियंता एपीएन सिंह के मुताबिक शाहजहांपुर रोड पर सीमा विस्तार में 16 गांव शामिल हैं। इस रोड का चौड़ीकरण कर छह लेन कर दिया गया है। शाहजहांपुर रोड से जुड़ने वाले बड़े बाइपास का निर्माण भी हो चुका है। रामपुर रोड को बदायूं रोड होते हुए शाहजहांपुर रोड से जोड़ने के लिए नया बाइपास भी प्रस्तावित है। बीसलपुर रोड पर चार गांव बीडीए की सीमा में शामिल हुए हैं। वर्तमान में बीसलपुर रोड पर प्राधिकरण की सीमा नैयतपुर गांव तक है।
16 साल बाद हुआ है सीमा विस्तार, अब सीमा में 299 गांव
बीडीए का क्षेत्र वर्तमान में 501.70 वर्ग किलोमीटर में फैला है। अभी तक 264 गांव इसमें शामिल थे। अब इनकी संख्या 299 हो गई है। बीडीए का ये सीमा विस्तार 16 साल के बाद हुआ है। बीडीए के अस्तित्व आते ही 19 अप्रैल 1977 में 198 गांव शामिल हुए थे। इसके बाद 23 मई 2008 को 66 गांवों को बीडीए में शामिल किया गया।
नए क्षेत्रों में ये होंगे काम
सड़क निर्माण, गांवों को हाईवे से जोड़ना, खेल मैदान, नई आवासीय योजना, उद्यान, ग्रीन बेल्ट, खेल मैदान, वाणिज्यिक, उद्योगों के हिसाब से जमीन के भू-उपयोग तय कर विकास के कार्य होंगे। इसके अलावा जिन गांवों में सड़कों के बीच में पुराने मकान आएंगे, उनको बचाते हुए नालों और सड़कों के निर्माण के प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।
ये गांव हुए शामिल
सदर तहसील : लहवरी, भगवतीपुर, कमुआ कलां, नरोत्तम नगला, भीकमपुर माफी।
आंवला तहसील : अखा एहतमाली, अखा मुस्तकिल, कोहनी परतापुर, मजनूपुर, भोजपुर, रफियाबाद, कैमुआ, सरदारनगर, चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, नवदिया, बढ़रई कुईंया, मिलक मंशारामपुर, वाहनपुर।
फरीदपुर तहसील : दहलऊ, समोची, खमरिया, वाहनपुर, जेड़, मेगीनगला, गौसगंज सराय, नौगवां, उदयपुर मोहनलाल, सराय पट्टी सब्दलपुर, सरकड़ा, इनायतपुर, मकसूदनपुर, रसुइया, नवदिया देहा जब्ती, मटिया नगला।
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि 35 नए गांवों को बीडीए में शामिल करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। ऐसे में विकास का दायरा बढ़ेगा। नाथधाम और एमएसएमई टाउनशिप के कार्यों में तेजी आएगी। अब जमीन खरीदने का काम शुरू किया जाएगा। गांवों के विकास के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी।