बरेली। प्रधानमंत्री मोदी के देवचरा से रवाना होने की सूचना मिलते ही लोगों का हुजूम घरों की छतों से लेकर बल्ली से बंद किए रास्तों तक लग गया। बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक पीएम की एक झलक पाना चाहते थे, हालांकि काफिला इतनी तेजी से गुजरा कि हसरत दिलों में दबी रह गई।
रामगंगा पार करके करीब पौने सात बजे पीएम का काफिला शहर में घुसा। दूरदर्शन केंद्र कॉलोनी से लेकर लाल फाटक इलाके में पीएम को देखने के प्रति अलग ही दीवानगी थी। लाल फाटक का बाजार पुलिस ने सुबह से ही बंद करा दिया था। इसलिए व्यापारी भी दुकानों के बाहर या छत पर पीएम को देखने पहुंच गए। इलाके की अधिकांश कॉलोनियों व कांधरपुर आदि के लोग मेन रोड किनारे बल्लियों तक आ गए। पुलिस ने इन्हें बल्ली से उधर ही रहने को कहा तो कई बार अंदर को खदेड़ दिया। महिलाएं और बच्चे छतों पर जमा थे। इलाके की कई छतों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ये सड़क व आनेजाने वालों पर निगाह रख रहे थे।
लोग बोले- पीएम को देखने आए हैं
सड़कों और छतों पर जमे लोगों में पीएम का काफी क्रेज दिखा। गली के बाहर खड़े बच्चे मोदी-मोदी चिल्ला रहे थे तो सैनिकों के परिवार भी सड़क किनारे आ गए थे। बुजुर्ग स्वास्थ्यकर्मी सुषमा शर्मा का कहना था कि वोट किसको दें, ये अलग मसला है पर पीएम को देखना जरूर चाहते हैं। फोटोग्राफर केशव इस चक्कर में अपनी दुकान जल्दी बंद करके चले आए थे। कहा कि पीएम घर के सामने से जा रहे हैं, गाड़ी देख लें यही बहुत है। करीब 85 साल के वृद्ध राजवीर सिंह इस बार भी वोट देंगे। कहा कि पीएम ने देश का सम्मान बढ़ाया है। राकेश कुमार अपनी ही बंद दुकान के सामने खड़े थे।
पौन घंटे तक पैदल राहगीर भी नहीं निकल सके
साढ़े छह बजे संबंधित रूट पर लगे बैरियरों पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई जो काफिला गुजरने के बाद शुरू हो सकी। जो जहां था, उसे वहीं रोक दिया गया और सड़कें व चौराहे पुलिस ने खाली कराकर कब्जे में ले लिए। कहीं आधा घंटा तो कहीं पौ घंटे तक लोगों का बैरियर के पार खड़े रहना पड़ा। सेटेलाइट चौराहे पर ही खासा हुजूम लग गया था। सारे रास्तों पर बैरियर लगाकर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी थी। भीड़ में शामिल लोग इस पर गुस्सा भी हो रहे थे। कोई पुलिस प्रशासन तो कोई नेताओं को उलाहना दे रहा था। एकाध ने अमर उजाला की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि जब पहले ही अखबार में आया था कि आज शाम सोच समझकर निकलें तो फिर व्यवस्था को दोष क्यों दे रहे हो। हालांकि ताने मार रहे अधिकांश लोग फ्लीट के गुजरते ही मोदी-मोदी चिल्लाने लगे। काफिला गुजरते ही रोड खोल दिया गया। यातायात व्यवस्थित करने में करीब एक घंटा लग गया।
आखिरी वक्त तक चलीं तैयारियां
पीएम के काफिले के आने तक कैंट व लाल फाटक इलाके में तैयारियां चलती रहीं। कहीं झाडू़ लगाई जा रही थी तो कहीं नगर निगम के टैंकर से पानी छिड़काव हो रहा था। लाल फाटक के पास ब्रेकर पर सीमेंट और चूना लगाया जा रहा था।
एडीएम-एसपी सिटी ने चेताया- गेट खुला रखना
काफिला आने से घंटा भर पहले एडीएम, एसपी सिटी और सीओ सिटी ने लाल फाटक के दोनों क्रासिंग पर जाकर गेटमैन से बात की। कहा कि रेलवे अधिकारियों से अनुरोध कर लिया गया है कि फ्लीट जाने से करीब आधा घंटे पहले फाटक खुले रखे जाएं। आप अधिकारियों से संपर्क में रहें, कोई समस्या हो तो बताएं। इस गेटमैन ने हामी भरी। साढ़े छह पर मालगाड़ी और एक यात्री ट्रेन गुजारने के बाद पीएम का काफिला जाने तक कोई ट्रेन यहां से नहीं गुजरी।
- प्रधानमंत्री का अंधेरे में तीस किमी शहर से होकर गुजरना पुलिस-प्रशासन की अग्निपरीक्षा जैसा था। आपसी समन्वय से दौरा सकुशल निपटा लिया गया। अब चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने का लक्ष्य है। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी रेंज