बरेली। आचार संहिता भले ही कभी भी लगे, लेकिन सरकारी दफ्तरों में माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है। विकास भवन के डीआरडीए, समाज कल्याण, दिव्यांग कल्याण, आरईडी, जिला कार्यक्रम, कृषि विभाग, कृषि रक्षा विभाग के दफ्तरों में बस यही चर्चा रही कि आचार संहिता कब लग रही है। इसे देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर काम का भी दबाव था।
डीआरडीए में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों के खातों में तीसरी किस्त भेजने पर काम चल रहा था। सांसद और विधायक निधि के काम कितने हो चुके। कितने काम बाकी हैं, उसका हिसाब लगाया जा रहा था। पंचायत राज विभाग में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 54 हजार अतिरिक्त शौचालय समेत पुराने शौचालय का निर्माण पूरा करने के जोर-शोर से प्रयास चल रहे हैं। दिव्यांग कल्याण, समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण में अचार संहिता लगने से पहले पेंशन और छात्रवृत्ति लाभार्थियों के खातों में भेजने, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के खर्च का हिसाब-किताब लगाया गया। कृषि विभाग में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में डाटा फीडिंग के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 2.90 लाख डाटा फीड हो चुके हैं। कृषि विभाग के अलावा लेखपाल की टीमें भी इनके सत्यापन में लगी हैं। सीडीओ सत्येंद्र कुमार सुबह और शाम दोनों टाइम ऑफिस में रहकर सरकार के प्राथमिकता वाले कामों की मानीटरिंग करते देखे गए।