बरेली। चौपुला फ्लाईओवर के लिए ट्रैफिक सर्वे कराए बगैर सेतु निगम के अधिकारियों ने पुल का डिजाइन पास करा लिया। अब चौपुला चौराहे पर ट्रैफिक लोड की जांच के लिए सर्वे की औपचारिकता पूरी की जा रही है। इस सर्वे का कांट्रैक्ट कानपुर की एक आउटसोर्सिंग एजेंसी को दिया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि ट्रैफिक लोड के आधार पर अगर अब पुल के डिजाइन में बदलाव की जरूरत पड़ी तो तो सेतु निगम के अफसर क्या करेंगे।
करीब 60 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण दिल्ली-लखनऊ, बदायूं रोड और पुराने बस अड्डे की तरफ वाईशेप में किया जाना है। सेतु निगम की यूनिट वन ने इस पुल के तकनीकी पेच को देखते हुए इसका डिजाइन विभागीय स्तर पर तैयार कराने के बजाय एक आउटसोर्सिंग कंपनी से तैयार कराया था। नियमों के मुताबिक पुल का डिजाइन तैयार करने से पहले सेतु निगम को सड़क पर ट्रैफिक लोड का सर्वे कराना होता है। इसी आधार पर पुल के निर्माण के मानक तय किए जाते हैं, लेकिन सेतु निगम के इंजीनियरों ने ट्रैफिक सर्वे कराए बगैर ही फ्लाईओवर का डिजायन तैयार करा लिया। यह डिजायन पास भी हो गया है। इसके बाद अब सेतु निगम के अधिकारियों को इस रोड पर यातायात सर्वे कराने की याद आई है। इन दिनों कानपुर की एक एजेंसी को ठेका देकर यह काम कराया जा रहा है।
हैरत की बात यह है कि इस सर्वे के नाम पर भी खानापूरी हो रही है। निजी एजेंसी को काम देने के बावजूद ट्रैफिक सर्वे ड्रोन या किसी अन्य आधुनिक तकनीकी से कराए जाने के बजाय मैनुअल हो रहा है। ऐसे में यह सर्वे कितना कारगर होगा, इस पर भी संशय खड़ा हो रहा है। सेतु निगम के अधिकारी अपनी खामी छिपाने के लिए कह रहे हैं कि यह यातायात सर्वे केवल अपनी जानकारी के लिए हो रहा है जबकि पेच यह है कि आगे अगर अब नक्शे में बदलाव करना पड़ा तो इसकी गुंजाइश कैसे बनेगी।
ट्रैफिक डायवर्जन करना भी बड़ी चुनौती
सर्वे में दिल्ली-लखनऊ की तरफ ट्रैफिक लोड ज्यादा मिला है। रास्ता तलाशा जा रहा है कि इसे बदायूं या अयूब खां चौराहा की तरफ कैसे डायवर्ट किया जाएगा। दिक्कत यह है कि चौपुला पर ट्रैफिक की वजह से जाम लगा रहता है। पुल बनने के दौरान यहां लंबे समय के लिए शहर की पब्लिक को यहां जाम की और भी ज्यादा परेशानी से जूझना होगा। यहां रूट डायवर्जन करना भी बड़ी चुनौती है।
आईवीआरआई पुल: काम शुरू कराने को रेलवे को भेजी चिट्ठी
आईवीआरआई ओवरब्रिज के काम को रेलवे के अधिकारियों ने बीच में ही लटका दिया है। पुल का करीब 60 मीटर का हिस्सा रेलवे द्वारा न बनाए जाने से पुल के लोकार्पण में भी देरी हो रही है। सेतु निगम के उप परियोजना अधिकारी वीके सेन ने बताया कि इसके लिए रेलवे के अधिकारियों को फिर चिट्ठी भेजी गई है। रेलवे अफसरों ने जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया है।
चौपुला फ्लाईओवर का डिजाइन बनकर आ गया है। चौराहे पर यातायात का सर्वे पहले नहीं हो सका है, इसलिए इसे अब कराया जा रहा है। -वीके मौर्य, उप परियोजना प्रबंधन इकाई-एक