बरेली। भूमध्य सागर से उठे पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। तीन दिन कोहरा और शीतलहर के बाद बुधवार को सुबह-शाम रिमझिम बारिश हुई। बरेली और आसपास के इलाकों में बारिश और दिन में धूप खिलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 4.0 और 2.0 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आज भी बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी या रिमझिम बारिश भी होगी। हालांकि दिन में धूप भी खिलेगी। उत्तर-पूरब हवा चलने से शीतलहर का प्रकोप कम हुआ है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.0 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान भी 6.8 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 11.3 डिग्री पहुंच गया। बुधवार तड़के ही रिमझिम बारिश शुरू हो गई। नौ बजे तक बादल छाए रहे। इसके बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। दोपहर में धूप खिल गई। उत्तर-पूरब हवा चलने से शीतलहर में कमी आई। लोगों को बर्फीली सर्दी से कुछ हद तक राहत मिली। शाम होते ही एक बार फिर बादल छा गए और देर रात तक बूंदाबांदी होती रही। 10 मिलीलीटर बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी बादल छाए रहेंगे। सुबह से शाम तक हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। दो दिनों में 20 से 25 मिलीमीटर बारिश का अनुमान है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका है। आठ फरवरी से मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बढ़ेगा।
रबी फसलों को बारिश वरदान
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि सर्दी की दूसरी बारिश रबी फसलों खासकर गेहूं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। किसानों को अब गेहूं में पानी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जितनी मात्रा में पानी की जरूरत थी, उतना मिल चुका है। इससे गेहूं की बाली मजबूत बनेगी। रबी की अन्य फसलों सरसों, मटर के अलावा सब्जियों के लिए भी बारिश वरदान साबित होगी।