बरेली। खतौनी खुरचकर 10 बीघा जमीन की हेराफेरी के मामले में फंसे आरोपी हापुड़ के तारिक को सिटी मजिस्ट्रेट ने 5-5 लाख की प्रापर्टी की गारंटी पर जमानत दे दी। इसके बाद खतौनी खुरचने के मामले के मुख्य आरोपी को रिहा कर दिया गया। इससे पहले चकबंदी विभाग के अहमद रमोद सक्सेना को भी जमानत देकर रिहा कराया जा चुका है। प्रशासन ने दोनों को धारा 151 के तहत जेल भेजा था।
नवाबगंज के गांव नजमुल निशा में अबरार की 100 बीघा जमीन को खतौनी में जालसाजी कर हापुड़ के तारिक का नाम इंद्राज कर दिया गया था। एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने जब इस मामले की जांच शुरू कराई तो नवाबगंज तहसीलदार के बीच पत्राचार को ब्रेक करके सरकारी चिट्ठियां गायब कर दी गई थीं। जांच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट के सामने ही तारिक के बेटे फिरोज और चकबंदी के अहलमद रमोद के बीच कलक्ट्रेट में झगड़ा हो गया था। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला ने दोनों को धारा 151 में जेल भेज दिया था। जांच में सामने आया था कि फिरोज ने रमोद से 15 लाख की डील करके इस घोटाले को अंजाम दिया है। खतौनी खुरचने के घपले में छह अन्य नाम भी आए थे। इनके खिलाफ प्रशासन को एफआईआर दर्ज करानी है। कुछ दिन पहले डीएम को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। डीएम ने कई खामियां होने की बात कहकर उसे एडीएम सिटी को वापस कर दिया था। एक दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने रमोद को पांच लाख के निजी मुचलके पर छोड़ा था। दूसरे दिन मुख्य आरोपी हापुड़ का तारिक भी पांच लाख के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।