फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लार्वा पर अटैक के लिए गोरखपुर से मंगवाई जा रही गंबूसिया मछली

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। मच्छर जनित बीमारियों से हलकान स्वास्थ्य विभाग मत्स्य विभाग की मदद से गोरखपुर से गंबूसिया मछली की खेप मंगवाने की तैयारी में है। मच्छरों के लार्वा का सफाया करने वाली इस मछली का पालन करने के बाद मई से पहले गंबूसिया मछली को ठहरे हुए पानी, नालों और गहरी नालियों में डाले जाने की योजना है। ताकि मच्छरों के लार्वा न पनप सकें। बहुत जल्द विभाग को पहली खेप मिलने के आसार हैं। बरेली मंडल की एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ ने बताया कि मत्स्य विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की गई है। उम्मीद है कि करीब डेढ़ से दो लाख मछलियां हमें मिलेंगी। इन मछलियों की सबसे खास बात यह है कि गंबूसिया मछली अंडे नहीं देती, सीधे बच्चे देती है। तीन इंच लंबी इस मछली का मुख्य आहार ही मच्छर का लार्वा होता है। गंदे पानी में 14 डिग्री सेल्सियस से 38 डिग्री सेल्सियस तक यह मछली आराम से जिंदा रहती है। एक मछली अपने कुल भार का 40 फीसदी लार्वा 12 घंटे में खा सकती है।
विज्ञापन


संक्रामक बीमारियों से 200 लोग गंवा चुके थे जान
सितंबर में मच्छरों के अच्छे घनत्व की वजह से फैल्सीपेरम मलेरिया और डेंगू ने पैर पसारे थे। सैकड़ों लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आए थे। फैल्सीपेरम मलेरिया की वजह से 200 लोगों ने जान गंवाई। स्वास्थ्य विभाग के ऑडिट में सिर्फ 25 मौत होने की बात स्वीकार की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें