शहर की विभिन्न धार्मिक समितियों ने शनिवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली। इसमें सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा का जगह-जगह फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। ढोल मजीरों की धुन पर झूमते भक्तों ने भगवान का गुणगान किया। महाआरती और प्रसाद वितरण के बाद रथयात्रा का विश्राम दिया गया।
इस्कॉन मंदिर से निकाली गई जगन्नाथ जी की रथयात्रा में उड़ीसा स्थित जगन्नाथपुरी की तर्ज पर की गई सजावट आकर्षण का केंद्र रही। रथ में भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा के स्वरूप विराजमान थे। यात्रा मयूर वन चेतना केंद्र से शुरू होकर इस्कॉन मंदिर में संपन्न हुई। इस दौरान पूरे जोश के साथ भगवत नाम का गुणगान होता रहा। अध्यक्ष गिरधर गोपाल ने बताया कि भगवान जगन्नाथ लोगों के सुख-दुख के साथी हैं। यात्रा के बाद मंदिर में महाआरती और छप्पन भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान संयोजक अनिल अग्रवाल, प्रबंधक भीम अर्जुन दास, उज्ज्वल सुंदर दास आदि मौजूद रहे।
वहीं, अखिल भारतीय श्री पंचरामांदीय निर्मोही अखाड़ा ने मोहल्ला बाग ब्रिगटान से रथयात्रा का आयोजन किया। शुभारंभ छन्नू महाराज ने विधि विधान से किया। यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर सिकलापुर, साहूगोपी नाथ, फर्नीचर मंडी, नगर निगम चौराहा होते हुए पुराना रोडवेज से भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यहां मुख्य अतिथि तुलसीमठ के महंत कमल नारायण दास, जगन्नाथ मंदिर के महंत रामनारायण दास, रथयात्रा संस्थापक राजीव पंडित रहे। राजीव ने बताया कि यात्रा में आगरा, बनारस, झांसी, मथुरा, मुरादाबाद आदि जिलों के भक्त भी शामिल हुए। आखिर में भंडारा और 56 भोग लगाक र यात्रा को विश्राम दिया गया। जिला ब्राह्मण सभा ने बिहारीपुर स्थित रघ़ुनाथ मंदिर से जगन्नाथ जी की रथयात्रा का विधिविधान से आयोजन किया। बैंड बाजों के साथ निकली रथयात्रा में भक्त झूमते रहे। यात्रा रघुनाथ मंदिर से पुलिस चौकी मलूकपुर, बमनपुरी होते हुए सौदागरान, दरगइया गली बिहारीपुर से मंदिर पहुंची। आरती के साथ प्रसाद वितरण हुआ। व्यवस्था में सुधीर शर्मा, श्रीराम शंखधार आदि का योगदान रहा।