आधार का कैरीकेचर लगा लें......
आधार बनाने को दबाव
झेल रहे बैंक कर्मचारी
यूआईडीएआई के सर्कुलर के बाद बैंक स्टॉफ में हड़कंप
- हर दिन का टारगेट न पूरा हुआ तो कटेगा वेतन
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने सभी बैंकों को अपनी ब्रांच में आधार कार्ड बनाने का आदेश जारी किया है। आदेश में साफ है कि ऐसा न करने वाले कर्मियों की वेतन में से कटौती की जाएगी। यूआईडीएआई के इस फरमान को लेकर बैंक कर्मियों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं अफसरों का कहना है कि बैंकों पर पहले से ही काम का अतिरिक्त बोझ है। ऐसे में आधार बनाने की जिम्मेदारी ने उनकी दिक्कत और बढ़ा दी है।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि आधार कार्ड बनवाने का काम यूआईडीएआई को ही पूरा करना चाहिए था। पहले प्राधिकरण ने यह दावा भी किया था कि लगभग सभी लोगों के आधार कार्ड बन भी गए हैं तो अब बैंकों को यह जिम्मेदारी देना ठीक नहीं। इसके अलावा बैंक स्टाफ दिनभर अपने खुद के काम के अलावा मुद्रा योजना, एनयूएलएम सहित तमाम अन्य सरकारी स्कीमों को पूरा करने का दबाव रहता है। इतनी व्यस्तता के बीच आधार कार्ड बनाए जाने की वह बड़ी जिम्मेदारी को वे कैसे पूरा करेंगे? जबकि बैंकों में स्टाफ को लेकर पहले से ही किल्लत चल रही है। इसके अलावा आधार कार्ड बनाने के लिए बैंकों को कम्प्यूटर सहित अन्य संसाधन और उसके लिए स्टाफ का इंतजाम भी खुद ही करना है।
प्राधिकरण ने दी बैंक
कर्मियों को राहत
यूआईडीएआई ने पहले बैंकों कर्मियों को अपनी ब्रांच में कम से कम 16 लोगों के आधार कार्ड बनाने का टारगेट दिया था। कर्मचारियों के विरोध के बाद प्राधिकरण ने अपने नए आदेश में थोड़ी राहत देते हुए पहली जुलाई से हर दिन कम से कम छह लोगों के, पहली अक्तूबर से 12 लोगों के और जनवरी 2019 से 16 लोगों के आधार कार्ड बनवाने की बात कही है। यह टारगेट न पूरा करने पर जुर्माने का प्रावधान पहले की भांति ही रहेगा।
गलत आधार बनने पर तय हो सकेगी जिम्मेदारी
आधार कार्ड बनवाने के लिए निजी सेंटरों पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार प्राधिकरण के पास पहुंच रही थीं। साथ ही निजी केंद्रों से अवैध दस्तावेज से भी आधार बन रहे थे। इसे रोकने को प्राधिकरण ने बैंकों में आधार केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं, ताकि गलत आधार बनें तो बैंक कर्मियों की जिम्मेदारी तय हो सके।