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सड़क पर दौड़ रहे आटो की पहचान होगी यूनिक आईडी

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टैग: ऑटो पर अब यूनिक आईडी
लेडीज का खतरा होगा कम

एसएसपी, एसपी ट्रैफिक ने आईडी स्टिकर लगाकर की शुरुआत
यातायात विभाग के डाटा बैंक में मौजूद रहेगा हर ऑटो का ब्योरा

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
बढ़ते अपराधों पर शिकंजा कसने और महिलाओं का ऑटो में सफर सुरक्षित बनाने के लिए यातायात विभाग ने बृहस्पतिवार को चौकी चौराहा पर ऑटो को यूनिक नंबर देने की शुुरुआत की। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने ऑटो पर यूनिक आईडी के स्टिकर लगाए और वर्दी पहने ड्राइवरों को पहचान पत्र दिए। अब शहर के ऑटो यूनिक आईडी से ही पहचाने जाएंगे। चौकी चौराहे पर चले अभियान के पहले दिन सौ ऑटो को यूनिक आईडी नंबर दिए गए।
कैब टैक्सी की तर्ज पर ऑटो भी अब यूनिक आईडी पर ही चलेंगे। यूनिक आईडी के जरिये यातायात विभाग में हर ऑटो और उसके ड्राइवर का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। इस डाटा बेस से ही संबंधित ऑटो और उसके ड्राइवर की पहचान होगी। अभियान के पहले दिन ए-1 से ए-100 नंबर तक यूनिक आईडी ऑटो को दी गईं। पुलिस अफसरों ने यह आईडी ऑटो के फ्रंट मिरर और चालक की सीट के पीछे चस्पा की है। ताकि ऑटो में बैठने वाला व्यक्ति इसका फोटो लेकर अपने पास सुरक्षित रख सके।
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पहचान पत्र पर होगी ड्राइवर की जानकारी
यातायात विभाग ऑटो ड्राइवरों का सत्यापन करा रहा है। सत्यापन के बाद सिर्फ लाइसेंस धारी, प्रशिक्षित ड्राइवर को गले में लटकाने के लिए फोटो युक्त पहचान पत्र भी दिए जा रहे हैं। इस पर ऑटो ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, ऑटो मालिक का नाम-पता, रजिस्ट्रेशन नंबर सहित जानकारी दर्ज है।

चौराहों, पुलिस लाइन में लगेगा कैंप
एसपी ट्रैफिक कमलेश बहादुर के मुताबिक आईडी देने के लिए पुलिस लाइन में कैंप लगाया जाना है। वहीं सेटेलाइट और चौकी चौराहा पर भी यातायात पुलिस कैंप लगाएगी। इसमें आरटीओ से पंजीकृत करीब 2750 ऑटो का डाटा बैंक तैयार किया जाएगा।
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यह अच्छी पहल है। कहीं भी अपराध होने पर पुलिस आसानी से ऑटो मालिक और ड्राइवर तक पहुंच सकेगी। डाटा बैंक यातायात पुलिस खुद तैयार कर रही है ताकि सीधे कार्रवाई की जा सके।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी बरेली
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