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बरेली कॉलेज इस बार भी नहीं देगा हॉस्टल

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बरेली।
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बरेली कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे छात्र अगर हॉस्टल मिलने की आस लगाए बैठे हैं तो भूल जाएं क्योंकि इस बार भी छात्रों को बरेली कॉलेज में हॉस्टल नहीं मिल पाएगा। कॉलेज प्रशासन ने पिछले एक साल से ब्वॉयज हॉस्टल को जीर्णोद्धार के नाम पर उसे खंडहर बनने के लिए छोड़ दिया है। गर्ल्स हॉस्टल भी पिछले साल आवंटित नहीं किया गया। इस बार भी हॉस्टल में मरम्मत का कार्य होना मुश्किल लग रहा है। वहीं सूत्रों की मानें तो कॉलेज प्रशासन हॉस्टल को तोड़कर कैंपस के बाहर बनाना चाहता है ताकि अवैध तरीके से छात्रनेता न रह सकें।
पिछले साल कॉलेज ने यह तर्क देते हुए छात्रों को हॉस्टल आवंटित नहीं किया कि हॉस्टल रहने लायक नहीं है। ब्वॉयज हॉस्टल में 72 कमरे हैं, जिसमें 70 में छात्र रहते हैं। एक कमरे में दो छात्र रहते हैं। वहीं गर्ल्स हॉस्टल में भी करीब 65 छात्राएं रह सकती हैं।
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कॉलेज प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। हालांकि छात्रनेताओं ने मांग उठाई थी कि हॉस्टल रहने लायक है, लेकिन कॉलेज प्रशासन जानबूझकर हॉस्टल को तोड़ना चाहता है। विवाद के चलते आखिरकार हॉस्टल में काम नहीं हो सका। टेंडर भी नहीं हुए।
सूत्रों की मानें तो कॉलेज प्रशासन हॉस्टल तोड़कर नया हॉस्टल कैंपस के बाहर बनाना चाहता है ताकि छात्र नेता अवैध रूप से न रह सकें और कैंपस में आए दिन होने वाले हंगामों पर लगाम लग सके। सूत्रों के अनुसार इस बार भी हॉस्टल की मरम्मत को टेंडर नहीं हुए। इस बार भी छात्रों को हॉस्टल आवंटित नहीं हो सकेंगे।
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हॉस्टल का जीर्णोद्धार होना है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। इसके चलते हॉस्टल का आवंटन होना मुश्किल है। टेंडर हुआ या नहीं इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. अजय कुमार शर्मा, प्राचार्य बरेली कॉलेज
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