किए जाएंगे ये उपाय
- ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएएमएस) के जरिये दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उनका समाधान।
- ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर सड़क सुरक्षा संबंधी उपाय।
- सीसी कैमरों की मदद से क्रिटिकल कॉरिडोर की मॉनिटरिंग।
- उच्च मृत्यु दर वाले स्थानों की पहचान कर वहां की रोड इंजीनियरिंग में सुधार कराना।
- अवैध कट को बंद करना। हाईवे पर ऐसी व्यवस्था होगी कि कोई डिवाइडर को पार नहीं कर सकेगा।
- प्रत्येक हाईवे पर एक अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
- हाईवे किनारे के सीएचसी और पीएचसी को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं से लैस करना।
- हाईवे पर एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और क्रेन के साथ क्रिटिकल कॉरिडोर टीम की चौबीस घंटे उपलब्धता।
- आमजन को जागरूक कर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना और प्राथमिक उपचार के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि मंडल के चारों जिलों में सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन की स्वीकृति के बाद इसे अमल में लाया जाएगा।