2022 में हुआ डिजिटलीकरण
कुलपति प्रो. केपी सिंह के कार्यकाल में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय का डिजिटलीकरण किया गया। 15 मई 2022 को राज्यपाल ने इसका डिजिटल संग्रहालय के रूप में उद्घाटन किया। इसमें रुहेलखंड के नौ जिलों की ऐतिहासिक इमारतों के सभी फोटो को संरक्षित किया गया है। यहां लगे स्क्रीन पर एक क्लिक में संबंधित वस्तु का इतिहास देखा जा सकता है। साथ ही संग्रहालय का नक्शा भी देखा जा सकता है।
प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. श्याम बिहारी लाल ने बताया कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय का संग्रहालय शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है। शिक्षकों के प्रयास से यह स्थापित हो सका। यहां आए दिन विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी आते हैं और इतिहास से रूबरू होते हैं।