मीरगंज। धनेटा रेलवे फाटक पर तीन दिवसीय मरम्मत का कार्य 21 दिसंबर से शुरू हो गया है। 12 से अधिक गन्ना क्रय केंद्रों पर करीब 300 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फंस गई हैं। किसी और मार्ग से इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को निकालने के लिए प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इस अवधि में गन्नों के सूखने से किसानों को नुकसान उठाना होगा। इसको लेकर किसानों चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
दरअसल, फाटक पर ओवरहाॅलिंग कार्य से इस रोड को बंद कर दिया गया है। लोगों को शाही फतेहगंज पश्चिमी होते हुए 20 किलोमीटर अतिरिक्त चलकर मीरगंज आना पड़ रहा है। वहीं, बाइक सवार एक कच्चे रास्ते से होकर गांव बल्लियां के रास्ते से मेन हाईवे पर पहुंच रहें हैं, जिससे बल्लियां गांव में जाम की स्थिति बन रही है।
20 दिसंबर को भी नहीं हुई थी तौल
धनेटा से लेकर शीशगढ़ तक एक दर्जन से अधिक गन्ना क्रय केंद्र हैं। 20 दिसंबर को धामपुर बायोऑर्गेनिक चीनी मिल की सफाई की गई थी। इस कारण गन्ने की तौल नहीं की गई थी। 21 से 24 दिसंंबर शाम तक धनेटा रेलवे फाटक पर मरम्मत का काम शुरू होने से गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बंद कर दी गई थी।
इससे किसानों का पांच दिनों में काफी नुकसान का अनुमान है।स्थानीय रास्तों पर दुर्घटना का खतरा
गन्ना किसान शिशुपाल सिंह, बेंचे सिंह, दुर्जन लाल, रामस्वरूप, धर्मपाल आदि ने बताया कि मिल पर गन्ना ले जाने के लिए धनेटा होकर ही रास्ता जात है। सहोड़ा से मीरगंज जाने वाले रास्ते पर मोड़ें अधिक हैं। गांव सीहोर में रास्ता सकरा होने की वजह से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। शाही होकर फतेहगंज पश्चिमी नेशनल हाईवे होकर गन्ना भरी ट्रॉली एवं ट्रक ले जाए जा सकते हैं, लेकिन टोल प्लाजा के चार्ज की वजह से गन्ना भरे वाहन किसान नहीं ले जा पा रहे हैं।
इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। किसानों और मिल की समस्या से अवगत कराया था, लेकिन रेलवे ने अपने हिसाब से काम शुरू किया है।
- तृप्ति गुप्ता, एसडीएम
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