उस दौरान से ही यहां ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज मिल रहा है लेकिन स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया आरंभ न होने से गंभीर मरीजों को गैर अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल में जनरल ओपीडी शुरू करने का आदेश देने के साथ यहां आईपीडी शुरू करने के लिए शासन को बजट का प्रस्ताव भेजा।
शासन ने करीब 8.33 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग को भेजे। इस पैसे से डीप फ्रीजर, स्ट्रेचर, मरीजों के बेड अलमारी, ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर, बाइपैप, आईसीयू बेड समेत तमाम उपकरणों की खरीद की गई। इन सभी उपकरणों को फिलहाल अस्पताल के स्टोर रूम में डंप कर दिया गया है। लेकिन आईपीडी कब शुरू होगी, इस सवाल का जबाव किसी के पास नहीं है।
इन पदों पर होनी है भर्ती, फिर मिलेगी सुविधा
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि यहां पर तीन फिजिशियन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, एक पैथोलॉजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ में दो लिपिक, 10 स्टाफ नर्स, छह फार्मासिस्ट, चार लैब टेक्नीशियन, दो एलए, दो एक्सरे टेक्नीशियन, एक डीआरए, 15 वार्ड ब्वाय, 10 वार्ड आया, 15 सुरक्षा गार्ड चौकीदार, दो ईसीजी टेक्नीशियन की भर्ती होनी है। इसके अलावा दो वाहन चालक, दो रिकार्ड कीपर, दो प्लंबर, दो इलेक्ट्रिशियन, दो रिसेप्सनिस्ट, आठ लिफ्ट ऑपरेटर, दो जनरेटर ऑपरेटर की जरूरत है।
जर्जर भवन से मिलेगी मुक्ति, सीएमओ कार्यालय का हो रहा निर्माण
अस्पताल के संचालन के बाद सिर्फ मरीजों के लिए ही ये अस्पताल किसी संजीवनी से कम नहीं होगा। बल्कि वर्षों से जिला अस्पताल परिसर में संचालित सीएमओ कार्यालय को यहां शिफ्ट करने की कवायद जारी कर दी गई है। अस्पताल परिसर में सीएमओ कार्यालय के नये भवन का निर्माण भी जारी है। कार्यालय शिफ्ट होने के बाद मरीजों को यहां किस प्रकार बेहतर इलाज और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी निगरानी भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।