एजेंसी मालिक ने जम्मू कश्मीर के लोगों को दी प्राथमिकता
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि जम्मू कश्मीर निवासी कबीर पहले एक सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड था। उसने नौकर छोड़कर दो साल पहले अपनी कंपनी बना ली। कबीर की कंपनी से बरेली की दोनों मीट कंपनी का अनुबंध है। यहां इस कंपनी के करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इनमें से 27 जम्मू कश्मीर के और बाकी उप्र समेत अन्य प्रांतों के हैं।
कैंट पुलिस व एलआईयू ने अधिकारियों को बताया है कि कबीर की इस सिक्योरिटी कंपनी का पंजीकरण है और छह महीने पहले उसके कर्मचारियों का सत्यापन भी हो चुका है। हालांकि अब नए सिरे से इनका सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए जम्मू कश्मीर पुलिस से पत्राचार किया जा रहा है।
वहां से इन सभी सुरक्षा गार्डों के परिवार की स्थिति, मुकदमों और छवि व आर्थिक स्थिति की जानकारी का पता किया जा रहा है। अगर इसमें कहीं कोई गड़बड़ निकली तो संबंधित सिक्योरिटी कंपनी के साथ ही उससे करार करने वाली कंपनियों के प्रबंधन के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी। संबंधित सुरक्षा कर्मचारियों को भी नोटिस दिया गया है।