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UP: बरेली की दो मीट कंपनी के 27 गार्डों का होगा सत्यापन, जम्मू-कश्मीर पुलिस से मांगी जानकारी

Wed, 19 Nov 2025 11:29 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली की मारिया फ्रोजन मीट कंपनी में 17 सुरक्षा गार्ड और उसके पड़ोस की रहबर मीट कंपनी में 10 सुरक्षा गार्ड जम्मू कश्मीर के निवासी हैं। इन सुरक्षा कर्मियों का नए सिरे से सत्यापन किया जाएगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के कैंट थाना क्षेत्र की दो मीट फैक्टरियों के जम्मू कश्मीर निवासी 27 सुरक्षा गार्डों की तैनाती को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में सिक्योरिटी कंपनी का पंजीकरण और सत्यापन पूर्व में होने की बात सामने आई है। हालांकि बरेली पुलिस ने जम्मू कश्मीर पुलिस को पत्र भेजकर इनका भौतिक सत्यापन कराने की जरूरत बताई है। जांच में कुछ भी गलत मिला तो फैक्टरी प्रबंधन पर कार्रवाई तय है।

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दिल्ली में लालकिला के बाहर कार में धमाके की आतंकी घटना में डॉक्टरों का मॉड्यूल मिला है। इसके बाद जम्मू कश्मीर के निवासियों की तैनाती को लेकर संशय है और सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में बरेली को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यहां की मारिया फ्रोजन मीट कंपनी में 17 सुरक्षा गार्ड और उसके पड़ोस की रहबर मीट कंपनी में 10 सुरक्षा गार्ड जम्मू कश्मीर के हैं।

करीब साल भर से ये गार्ड दोनों मीट कंपनी में सुरक्षा देख रहे हैं। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में किराये पर रहते हैं। मामले में चर्चा थी कि कंपनी बिना पंजीकरण व सत्यापन के ही गार्डों को तैनात कर काम कर रही है। बुधवार को पुलिस, एलआईयू समेत सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में जांच पड़ताल की।

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एजेंसी मालिक ने जम्मू कश्मीर के लोगों को दी प्राथमिकता
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि जम्मू कश्मीर निवासी कबीर पहले एक सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड था। उसने नौकर छोड़कर दो साल पहले अपनी कंपनी बना ली। कबीर की कंपनी से बरेली की दोनों मीट कंपनी का अनुबंध है। यहां इस कंपनी के करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इनमें से 27 जम्मू कश्मीर के और बाकी उप्र समेत अन्य प्रांतों के हैं। 

कैंट पुलिस व एलआईयू ने अधिकारियों को बताया है कि कबीर की इस सिक्योरिटी कंपनी का पंजीकरण है और छह महीने पहले उसके कर्मचारियों का सत्यापन भी हो चुका है। हालांकि अब नए सिरे से इनका सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए जम्मू कश्मीर पुलिस से पत्राचार किया जा रहा है। 

वहां से इन सभी सुरक्षा गार्डों के परिवार की स्थिति, मुकदमों और छवि व आर्थिक स्थिति की जानकारी का पता किया जा रहा है। अगर इसमें कहीं कोई गड़बड़ निकली तो संबंधित सिक्योरिटी कंपनी के साथ ही उससे करार करने वाली कंपनियों के प्रबंधन के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी। संबंधित सुरक्षा कर्मचारियों को भी नोटिस दिया गया है।
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