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Bareilly News: मंडी में खुले में पड़ा 25 हजार क्विंटल धान, नमी बढ़ने से गुणवत्ता घटने की आशंका

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आंवला। मंडी में खुले में पडा धान-संवाद
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एफआरके की उपलब्धता न होने से मिल नहीं कर रहीं उठान, नए धान की खरीद प्रभावित
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आंवला। शासन स्तर पर राइस मिलों को अटैच करने की प्रक्रिया पूरी करने में हुई देरी के चलते भमोरा रोड स्थित नवीन मंडी परिसर में खरीदे गए धान का समय पर उठान न होने से क्रय केंद्रों और मंडियों में जगह भर गई है। खुले में पड़े धान में नमी बढ़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे खरीद मानकों पर खरा न उतरने की आशंका है। नए धान की खरीद प्रभावित हो रही है। करीब 25 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।

हालांकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान की खरीद एक अक्तूबर से जारी है। तेजी से धान भी खरीदा गया। अब एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) की अनुपलब्धता के कारण मिलों द्वारा धान उठान की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। धान की तौल कराने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। क्रय केंद्रों के प्रभारी तौल के लिए जगह खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
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मंडी में नहीं हुई खरीद तो बाजार में बेचा
कृषक प्रमोद अनुरागी ने बताया कि उन्होंने रामनगर के सरकारी बीज केंद्र से मोटे धान की बीज खरीदा था। 20 बीघा में करीब 80 क्विंटल की पैदावार हुई, लेकिन उनकी फसल को धान क्रय केंद्र पर खरीदा नहीं गया। मजबूरन उनको बाजार में धान बेचना पड़ा था। किसान सुदेश पाल सिंह ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया जटिल होने व किसानों को पूरी जानकारी न होने पर बिचौलियों ने भी जमकर धान खरीदा है।
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करीब 55 हजार क्विंटल धान का हुआ उठान : क्षेत्रीय विपण अधिकारी
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि उठान की धीमी गति का मुख्य कारण मिलों के साथ हुई अनुबंध में देरी व मिलों के पास एफआरके की कमी होना है। हालांकि शासन ने इस समस्या के निदान के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। अब तक मंडी परिसर में कुल आठ क्रय केंद्रों से 70 हजार क्विंटल से अधिक की धान खरीद कर लक्ष्य के 75 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। इसमें से करीब 55 हजार क्विंटल धान मिलों को पहुंचाया जा चुका है। इस बार धान की अच्छी पैदावार के चलते किसान लगातार क्रय केंद्रों तक फसल लेकर आ रहे है।
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