फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 महिलाएं हो गईं गर्भवती: नसबंदी हुई फेल, अब सबको मिलेगा मुआवजा

Sat, 20 Mar 2021 10:53 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

-ब्लॉकों पर शिविरों में कराई थी महिलाओं ने नसबंदी 
-परिवार कल्याण निदेशक को 12 मामलों में परीक्षण के बाद रिपोर्ट भेजी गई
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नसबंदी के बाद भी 24 महिलाएं गर्भवती हो गईं। इन महिलाओं ने साल 2019-20 में जिले में ब्लॉक स्तर पर लगाए गए शिविरों में नसबंदी कराई थी। इनमें 12 महिलाओं की जांच पड़ताल के बाद मुआवजे के लिए फाइल निदेशक परिवार कल्याण के लिए भेज दी गई है। अन्य 12 महिलाओं के मामले में स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

विज्ञापन


परिवार नियोजन के तहत सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। नसबंदी कार्यक्रम भी इसमें शामिल है। नसबंदी कराने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाता है। वर्ष 2019-20 में समय-समय पर ब्लॉक स्तर पर नसबंदी शिविरों का आयोजन कराया गया था। शिविरों में 2115 महिलाओं ने नसबंदी कराई थी, लेकिन नसबंदी फेल होने के कारण 24 महिलाएं गर्भवती हो गईं। गर्भवती होने वाली इन 24 महिलाओं की ओर से मुआवजे के लिए दावा पेश किया गया। 

जांच-पड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनमें 12 महिलाओं की फाइल मुआवजे के लिए निदेशक परिवार कल्याण को भेज दी गई है। जबकि 12 महिलाओं के मामले में अभी स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इनकी फाइल भी जल्द निदेशालय भेज दी जाएगी। नसबंदी फेल होने के मामले में बात करने पर डॉक्टरों का कहना है कि कभी-कभी ऑपरेशन के बाद मरीजों की ओर से लापरवाही बरती जाती है इससे नसबंदी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। 
विज्ञापन


रिंग सही न लगने पर फेल हो जाती है नसबंदी
नसबंदी के दौरान महिलाओं की एक नस में रिंग डाल कर उसे बंद कर दिया जाता है। नसबंदी होने के बाद कम से कम दो महीने तक शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि दो महीने से पहले शारीरिक संबंध बनाने से महिला गर्भवती हो जाती हैं। कुछ मामलों में रिंग सही ढंग से अपनी जगह पर न पहुंचने की वजह से नसबंदी भी फेल हो जाती है। - डॉ. रुचि गुप्ता, जिला महिला अस्पताल

बदायूं में नसबंदी फेल होने के 24 मामले सामने आए हैं। परीक्षण के बाद इनमें 12 मामले सहायता राशि स्वीकृति के लिए महानिदेशक परिवार कल्याण को भेजे गए हैं। अन्य मामलों में परीक्षण चल रहा है। इनको भी जल्द निदेशालय भेज दिया जाएगा। - डॉ. एस के अग्रवाल, एडी हेल्थ

यह मामले महानिदेशक परिवार कल्याण को भेजे 
रोहिना पत्नी रईस शेखूपुर बदायूं, धर्मवती पत्नी कुंवरचंद्र खिरकवारी मानपुर सहसवान, रिंकी पत्नी रामबल दबथरा आसफपुर, शिखा पत्नी विष्णु सरनमई उसहैत, शकुंतला पत्नी वीरेश कुडरा मझारा दातागंज, रूपवती पत्नी मुनेंद्र वृंदावन बदायूं, शीला देवी पत्नी बालजीत बिहरा नगला पोस्ट दबथरा बदायूं, सुस्मिता पत्नी माखनलाल नरसिंहपुर उझानी, रीना पत्नी लाला मुल्लापुर पोस्ट सालारपुर, कुंती देवी पत्नी मुकेश दातागंज, गीता देवी पत्नी पूरन लाल आसफपुर, रामश्री पत्नी जायसवाल भूरीपुर। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें