सरकारी आवास से ही अलंकार के फूटे थे सरकार विरोधी सुर
बिजली निगम का बकायेदार सिटी मजिस्ट्रेट का यही सरकारी आवास है, जहां से 26 जनवरी को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। उसी शाम को उन्होंने यूजीसी और प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके शिष्यों एवं बटुकों के कथित अपमान के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। यूजीसी के विरुद्ध पोस्टर वार भी इसी सरकारी आवास से उन्होंने किया था, जिसने जमकर सुर्खिया बटोरीं। इस्तीफा और बयानबाजी के बाद यह सिटी मजिस्ट्रेट आवास पहले ही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा में था और अब उसी पते पर बकाया बिजली बिल वसूलने के मामले ने प्रकरण को तूल पकड़ा दिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट आवास और भाजपा कार्यालय में बकाया बिल भू-राजस्व की भांति वसूल लेने को जिलाधिकारी से पत्राचार धोखे से हो गया। चूंकि, उसी क्रम में काफी संख्या में लोगों को प्रशासन के माध्यम से आरसी जारी हुई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट आवास व भाजपा कार्यालय को आरसी के लिए डीएम को लिखे पत्र वापस करा लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट आवास में बिलिंग में भी कुछ दिक्कत है, वैसे इन लोगों को के यहां से देर-सबेर बिल जमा होता रहता है।- सूर्य कुमार, अधिशासी अभियंता-वाणिज्यिक अनुभाग-दो, बिजली विभाग