बरेली/मीरगंज। उत्तराखंड में बारिश के चलते गोला बैराज से अब तक 22,770 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। मीरगंज क्षेत्र की नदियों के जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में बाढ़ की आशंका है। लिहाजा, जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। लोगों को सतर्कता बरतने को कहा है।
उप जिलाधिकारी तृप्ति गुप्ता और तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा ने नदियों किनारे बसे ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए कहा है। सुरक्षा के लिहाज से मीरगंज में 14 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। तहसील परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। 10 नावों की व्यवस्था है। किसी तरह की समस्या होने पर कंट्रोल रूम तत्काल सतर्क होगा। जरूरी सुविधा मिलेगी।
रामगंगा का जलस्तर 159.5 मीटर, बहगुल 205.1 मीटर जलस्तर है। दोनों ही खतरे के निशान करीब तीन मीटर तक कम हैं। इसके अलावा सीमा से पीलाखार, भाखड़ा, ढोंडा नदियां गुजरती हैं। जिनके जलस्तर का आकलन अभी नहीं हुआ है। हालांकि, इन्हें सामान्य स्तर पर बता रहे हैं।