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जाट रेजिमेंट की 225वां स्थापना दिवस: शौर्य और पराक्रम को सलामी देकर शहीदों को नमन

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जाट रेजिमेंट सेंटर में स्थापना दिवस मनाया गया। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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उप थल सेनाध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल एसके सैनी को रिक्रूट्स ने दी सलामी

बरेली। जाट रेजिमेंट सेंटर का 225वां स्थापना दिवस शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गौरवान्वित करने वाले इस आयोजन के दौरान कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट, उप थल सेनाध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल एसके सैनी मौजूद रहे। भावी रिक्रूट्स ने उन्हें सलामी दी। इस मौके पर जाट रेजिमेंट की शौर्यगाथा को दोहराते हुए रिक्रूट्स को देश की आन, बान और शान को सदैव अक्षुण्ण रखने का संकल्प दिलाया गया।
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कोरोना महामारी के चलते अबकी बार स्थापना दिवस पर कार्यक्रमों की शृंखला कम रही। मगर, जोशोखरोश में कहीं कोई कमी दिखाई नहीं दी। दो दिवसीय समारोह का आयोजन कोरोना से बचाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था। शुरुआत परंपरागत तौर पर मंदिर में प्रार्थना से हुई। इसके बाद जाट युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह हुआ। इस दौरान रेजिमेंट के उन वीर जवानों को याद किया गया, जिन्होंने देश की सुरक्षा, एकता, अखंडता, संप्रुभता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
मुख्य अतिथि उप सेनाध्यक्ष और कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट लेफ्टीनेंट जनरल एसके सैनी को रिक्रूट्स ने सलामी दी। बख्शी परेड ग्राउंड कदमताल से कंपित था। मिलिट्री बैंड की देशभक्ति की धुनों से लोगों में देश प्रेम का जज्बा भर रहा था। उप सेनाध्यक्ष ने रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास पर विचार रखे। जवानों को देश की सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया। सैन्य अफसरों के मुताबिक 20 नवंबर, 1795 में कलकत्ता में जाट रेजिमेंट सेंटर की स्थापना मिलतिया नाम की जगह पर हुई थी। कार्यक्रम का समापन शनिवार को वार्षिक जोरा बैठक के साथ होगा। इसमें वेटरेंस और जाट रेजिमेंट के वरिष्ठ सेवारत अधिकारी डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये चर्चा करेंगे।
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