बरेली। जानसन कंपनी के उत्पाद शैंपू आदि के सैंपल भरने के लिए बाजार बंदी के दिन एफएसडीए अफसरों ने छापामारी कर दस नमूने भरे हैं। ‘अमर उजाला’ में समाचार प्रकाशित होते ही दुकानदारों ने ज्यादातर स्टाक भूमिगत कर गोदाम में भर दिया। इसलिए तीन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए।
‘अमर उजाला’ में प्रकाशित समाचार पर बाजार और विभाग में हड़कंप मच गया। सहायक आयुक्त आरपी सिंह ने जिला औषधि प्रशासन अफसरों पर नाराजगी जताई और बाजार से सैंपल लेने के आदेश दिए। लेकिन अफसर बहाने बनाने लगे कि बाजार में साप्ताहिक बंदी है। इसलिए बाद छापामारी करेंगे। पांडे ने उनकी एक नहीं और तुरंत छापा लगाने को कहा। इस पर संबंधित कार्यालय से बाजार में खबर पहुंच गई कि छापा लगने वाले हैं, इसलिए संदिग्ध उत्पाद छिपा दिए जाएं। छापा टीम ने सलूजा और वरुण ट्रेडर्स पर घेराबंदी कर जानसन बेबी शैंपू के नौ सैंपल भरे। इसके बाद टीम साहिब राम और नामधारी प्रतिष्ठान पहुंची और नामधारी से एक सैंपल लिया गया।
यह था मामला
पिछले दिनों राजस्थान एफएसडीए विभाग ने जानकारी मिलने पर जानसन एंड जानसन कंपनी द्वारा बेंचे जा रहे उत्पाद के नमूने भरे थे। लैब जांच बेबी शैंपू में हानिकारक तत्व मिले। इसके बाद बच्चों के हितों के लिए काम करने वाली संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इन उत्पादों को बाजार से हटाने और कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। बताया जाता है कि अमेरिका में जानसन एंड जानसन कंपनी के संबंधित उत्पादों पर पहले से ही रोक लग चुकी है। राजस्थान में हुई जांच में फार्मल्डिाहाइड नामक हानिकारक तत्व मिला था। डाक्टरों के मुताबिक यह तत्व बच्चों पर विपरीत असर डालती है। आयोग और राजस्थान सरकार ने सभी राज्यों से जानसन कंपनी के संदिग्ध उत्पाद बाजार से जब्त कर हटाने को कहा था। इस पर उत्तर प्रदेश एफएसडीए विभाग ने सभी जिलों छापामार कार्रवाई को कहा था, लेकिन जिला स्तरीय अफसर इसे दबाकर बैठ गए।