बरेली। संशोधित और डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड नहीं मिलने, वेबसाइट बंद होने और निर्वाचन कार्यालय से रसीदें न कटने का मामला मुख्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचा। वहां से आए फोन से यहां खलबली मच गई। रसीद बुकें न छपने का बयान देने वाले निर्वाचन कार्यालय से डुप्लीकेट वोटर कार्ड बनाने के लिए रसीद बुकें भी जारी हो गईं, इसके साथ ही प्रिंटर एजेंसी को भी सख्त हिदायत दी गई है कि दो दिन के भीतर नए कार्डों की खेप पहुंच जानी चाहिए। ताकि उनका वितरण समय पर हो सके।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय उप्र ने अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का संज्ञान लिया और पूछताछ की, यह सब क्या तमाशा है। इस पर यहां के अफसर जवाब नहीं दे पा रहे थे। चूंकि लखनऊ से हिदायत दी गई है कि डुप्लीकेट और संशोधित कार्डों के लिए कोई भी परेशान न हो। यहां से फीडबैक दिया गया कि सिर्फ 35 सौ डुप्लीकेट कार्ड प्रिंट होने हैं जो जल्दी ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। लेकिन उनसे जब यह पूछा गया कि डुप्लीकेट कार्ड पाने वालों की फीस जमा क्यों नहीं हो पा रही है तो अफसर बगले झांकने लगे। लखनऊ के तेवर देखते हुए स्थानीय अफसरों में हरकत हुई।
छिपा रखी रसीद बुके जारी
लखनऊ से आए फोन के बाद अफसरों ने आनन-फानन में जिला निर्वाचन कार्यालय में छिपा रखी रसीद बुक, वीआरसी (वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर) सुपरवाइजर को बुलाकर सौंप दी। दोपहर बाद रसीदें कटना शुरू हुईं साथ ही, संबंधित प्रिंटर फर्म को तेजी से काम की चेतावनी दी गई। बता दें कि डुप्लीकेट अथवा संशोधित वोटर कार्ड लेेने के लिए आवेदन तिथि 28 मार्च तक ही है। इसके लिए 25 रुपये प्रति वोटर कार्ड नगद जमा करना होता है।