बरेली। लोकसभा चुनाव में मंडल के सांसदों और पूर्व सांसदों की होली फीकी कर दी। भाजपा, सपा और कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा में लगातार होने वाली देरी से टिकट के दावेदार दिल्ली और लखनऊ में डेरा जमाए हैं। इनमें कुछ तो देर रात घरों को लौट भी आए। मगर टिकट की टेंशन में इनकी होली फीकी हो गई। रंग खेलना छोड़ माननीय मोबाइल पर ही लगे रहे।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मंडल की बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और आंवला लोकसभा सीट पर भाजपा और बदायूं लोकसभा सीट पर सपा जीती थी। बरेली में भाजपा और बदायूं सीट पर सपा में टिकट का झंझट नहीं है। दोनों सीटों पर भाजपा और सपा निवर्तमान सांसदों को ही उतारने का मन बना चुकी है, राजनीतिक हलकों में ऐसा माना जा रहा है। मगर इसके विपरीत भाजपा में आंवला, शाहजहांपुर सीटों पर टिकट की माथापच्ची चल रही है। दोनों सीटों पर भाजपा के टिकट कटने की चर्चा सोशल मीडिया पर लगातार चलने से माननीय भी हैरत में हैं। टिकट मिलेगा या नहीं, इसे लेकर चिंता में ग्रस्त माननीयों की होली फीकी हो गई। बरेली सीट पर सपा और कांग्रेस से भी प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं। शाहजहांपुर सीट पर कांग्रेस और बसपा के टिकट दावेदार भी असमंजस में हैं। पीलीभीत सीट पर विपक्ष सपा और कांग्रेस के टिकट दावेदार भी टेश्ंान में हैं। लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक ज्यादातर दावेदार होली के मौके पर तनाव में रहे। कोई लखनऊ से लेकर दिल्ली तक फोन घनघनाता मिला तो किसी का समय दूसरे दलों से संपर्क करने में बीत रहा है।