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साहब! देखिए तो भ्रष्टाचार.. मानक अधूरे, फिर भी स्कूलों का बेड़ा पार

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बरेली। मानक पूरे किए बगैर तीन कॉलेजों की मान्यता की संस्तुति के मामले में डीआईओएस ने एडीआईओएस मनभरन राम राजभर और जीआईसी के प्रिंसिपल रामपाल सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। क्षेत्रीय सचिव को भेजे गए पत्र में कहा कि उनकी अनुपस्थिति में सारा खेल हुआ। आवश्यक कार्रवाई के लिए उन्होंने क्षेत्रीय सचिव और शासन को पत्र भेजा है। डीआईओएस की चिट्ठी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फाइल में फर्जी तरीके से मानक पूरे दिखाए गए।
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पिछले दिनों तीन कॉलेजों की मान्यता की फाइलें डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने रोक दी थीं। इसमें एक नया कॉलेज और दो में नए अनुभाग शुरू होने थे। यहां मानक पूरे नहीं थे। एक कॉलेज में चहारदीवारी तक नहीं थी। फाइल निस्तारित होने से पहले ही डीआईओएस चिकित्सा अवकाश पर चले गए और उनका प्रभार एडीआईअेाएस मनभरन राम राजभर के पास रहा। क्षेत्रीय सचिव, शिक्षा निदेशक, सचिव माध्यमिक शिक्षा, जेडी बरेली को भेजे पत्र में डीआईओएस ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति में फर्जी रिपोर्ट लगाकर मान्यता की संस्तुति कर दी गई। चहारदीवारी की फोटो की जगह लिख दिया गया कि उसे पूरा कर लिया गया। कमरों की माप के मानक भी पूरे दिखा दिए गए। इस खेल में एक बाबू का भी नाम सामने आ रहा था, लेकिन पत्र में उसका जिक्र नहीं किया गया। डीआईओएस ने पत्र में कहा कि मानक पूरे किए बगैर आपत्तियों का निस्तारण करके संस्तुति बोर्ड को प्रेषित कर दी गई। इतना ही नहीं बल्कि दो कॉलेजों में नए अनुभाग की फाइल में भी गड़बड़ की गई। अब कार्रवाई के लिए डीआईओएस क्षेत्रीय सचिव को पत्र भेजा है।

पूरे मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय सचिव को पत्र भेज दिया है। मानक पूरे हुए बगैर मान्यता की संस्तुति नहीं जा सकती।
-डॉ. अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस

नेताओं को भी ऐंठ दिखाते हैं डीआईओएस, जांच हो: एडीआईओएस
एडीआईओएस मनभरन राम राजभर ने डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा पर तमाम आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले डीआईओएस ने ही उस कॉलेज की मान्यता पर संस्तुति की थी। अब उन्होंने कर दी तो यह गलत हो गया। डीआईओएस का काम संस्तुति करना है, मान्यता बोर्ड से मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीआईओएस ने तमाम गलत काम किए हैं। उनके सारे कामों की जांच होनी चाहिए। वह किसी से सीधे मुंह बात नहीं करते। जनप्रतिनिधियों से भी ऐंठ दिखाते हैं। उनकी तमाम शिकायतें शासन को गई हैं। उन सबकी जांच होनी चाहिए, पता चल जाएगा कि कौन कितना सही है।
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