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‘अपराजिता बनने के लिए योग को जिंदगी का हिस्सा बनाएं’

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बरेली। अमर उजाला के ‘अपराजिता- 100 मिलियन स्माइल्स’ अभियान के तहत शनिवार की सुबह गांधी उद्यान में योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए विभिन्न आसन बताए गए। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों ने कहा कि स्वस्थ रहकर ही अपराजिता बना जा सकता है। इसके लिए योग को जिंदगी का हिस्सा बनाना पड़ेगा।
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भारतीय योग संस्थान के उप प्रधान डॉ. एसी सक्सेना ने योगासन और उनके लाभ गिनाते हुए कहा कि आज तनावपूर्ण जिंदगी में खुद को फिट रखना चुनौती है। महिलाएं थोड़ा समय निकालकर योग को अपनी जिंदगी में शामिल करें। योग से ही कई बीमारियों से निजात मिल सकती है। जैसे-अनिद्रा, ब्लडप्रेशर, वजन बढ़ना, मधुमेह रोग पर नियंत्रण, दर्द से भी काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। संस्थान के जिला मंत्री एवं योग प्रशिक्षक हरिओम अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं में गठिया की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी प्रमुख वजह उनका दिनचर्या और खानपान पर ध्यान न देना है। महिलाओं का स्वास्थ्य खराब होते ही परिवार की दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति ज्यादा संजीदा रहने की जरूरत है। उन्होंने जोड़ों के दर्द को ठीक करने से संबंधित कई आसन बताए। उन्होंने महिलाओं को धनुरासन, वज्रासन और अन्य कई आसन भी कराए और उसके लाभ बताए।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने नारी गरिमा को बनाए रखने की शपथ ली। कार्यक्रम में उत्थान फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. मंजुला, डॉ. मीनाक्षी सक्सेना, बीनू सिंह, श्रद्धा, रिचा, नलनी, नीरज सिंह, बरखा, ज्योति आदि ने हिस्सेदारी की।
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