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सख्ती हुई तो परीक्षा कराने से हाथ खड़े कर रहे कॉलेज

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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। कुछ कोर्स की परीक्षाएं आठ दिसंबर से शुरू होंगी। वहीं सख्ती होने और स्वकेंद्र व्यवस्था खत्म होने से कई कॉलेजों की दिलचस्पी परीक्षा कराने में नहीं बची। कॉलेज परीक्षा कराने से ही मना कर रहे हैं। मंगलवार को उझानी के एपीएन कॉलेज ने परीक्षा कराने से मना कर दिया। कहा कि विश्वविद्यालय स्टाफ दे और व्यवस्थाएं कराए तो परीक्षा कराएंगे। विश्वविद्यालय की फटकार के बाद कॉलेज परीक्षा कराने को तैयार हुआ। कुछ अन्य कॉलेजों ने भी परीक्षा कराने से हाथ खड़े कर दिए । विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनको भी जमकर फटकार लगाई। कहा कि एक दिन में सेंटर नहीं बदला जा सकता। अगर परीक्षा नहीं कराई तो भविष्य में सेंटर नहीं बनाया जाएगा। उसके बाद कॉलेज मानें।
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परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि कुछ कॉलेजों ने परीक्षा कराने से मना कर रहे थे। बुधवार से परीक्षा शुरू हो रही हैं। इतनी जल्दी सेंटर नहीं बदल सकते। जैसा भी हो कॉलेज को पूरी व्यवस्था के साथ परीक्षा करानी होगी। परीक्षा में सहयोग न करने वाले कॉलेजों की अलग सूची बनाई जाएगी।

अपने बच्चे नहीं इसलिए कॉलेज परीक्षा को समझ रहे बोझ
स्वकेंद्र व्यवस्था खत्म होने से कॉलेज दूसरे कॉलेजों की परीक्षा कराना बोझ समझ रहे हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर लगाने हैं। उसका भी अच्छा खासा खर्चा बैठ जाएगा। कॉलेज इसलिए और केंद्र नहीं बनाना चाहते। हालांकि मंगलवार को एक केंद्र और बढ़ा दिया गया। अब प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं 39 केंद्रों पर होंगी।
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कैमरे लगे नहीं तो कैसे होगी मॉनिटरिंग
शासन से सख्त आदेश जारी होने के बाद भी कुछ कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर नहीं लगे। इनके आईपी एड्रेस से विश्वविद्यालय का कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग करता। जब कैमरे ही नहीं लगे तो मॉनिटरिंग कैसे होगी।

एलएलएम का पेपर इस बार बना है खास
विश्वविद्यालय कैंपस की परीक्षाएं पहली बार सीसीटीवी की निगरानी में होगी। कैंपस की परीक्षाओं की मॉनिटरिंग भी होगी। विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि इस बार एलएलएम का पेपर खास तरीके से बनाया गया है। ऐसे प्रश्न दिए गए हैं जो गाइड में मिलना मुश्किल होगा। जिसने पूरे साल किताबों से पढ़ा होगा वही सही जवाब दे सकेगा। एक्सपर्ट की माने तो सभी मौलिक प्रश्न बनाए गए हैं। एलएलएम के बाद एलएलबी के प्रश्नों में इसे लागू किया करने की तैयारी है। छात्रों को अच्छी नॉलेज हो सके इसलिए यह कदम उठाया हैैै।
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