मिलिट्री हॉस्पिटल का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का सर्वर हैक कर हैकर्स ने चार फर्जी प्रमाण पत्र बना डाले। पिछले महीने हुई यह घटना जानकारी में आने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। सीएमओ ने मिलिट्री हॉस्पिटल के सीनियर रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर प्रत्येक माह की दूसरी तारीख को पूरे महीने में बने प्रमाण पत्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही यूजर आईडी का पासवर्ड नियमानुसार अपडेट करने को कहा है ताकि जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में वैध प्रमाण पत्र ही दर्ज हों।
पिछले महीने कैंट एरिया में स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल का सर्वर हैक कर हैकर्स ने दो अलग-अलग परिवारों के चार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना लिए थे। प्रमाण पत्रों में की गई एक चूक की वजह से मामला तब पकड़ में आया जब हैकर्स ने इन प्रमाण पत्रों को वेरिफिकेशन के लिए मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा। दरअसल मिलिट्री हॉस्पिटल में सारा कामकाज अंग्रेजी में होता है, लेकिन हैकर्स ने फर्जी प्रमाण पत्र हिन्दी में बना दिए थे। यह चूक पकड़ में आते ही प्रमाण पत्रों का रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो वे फर्जी निकले। इसके बाद सीनियर रजिस्ट्रार के पत्र पर जिला अस्पताल ने फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया गया। सीएमओ के डाटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट हितेंद्र ने बताया कि करीब दो साल वर्ष पहले सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। आशंका है कि कुछ अस्पतालों में पासवर्ड अपडेट नहीं किए गए, जिसका हैकर्स ने मिलिट्री हॉस्पिटल का सर्वर हैक कर दुरुपयोग कर लिया।
सर्वर हैक करने के बाद बनाए गए प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। मिलिट्री हॉस्पिटल को नई यूजर आईडी और पासवर्ड देने के साथ प्रत्येक माह की दो तारीख को पूरे महीने में जारी हुए प्रमाण पत्रों का डाटा देने को कहा है। -डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ